Shaikh Rafik   (Raju✍)
17.4k Followers · 462 Following

Joined 3 April 2018


Joined 3 April 2018
Shaikh Rafik AN HOUR AGO

गिरां मेरे दिल पर गुज़रने से पहले..
समेटना मुझे तुम बिखरने से पहले..

फैसले इश्क़ में एक तरफ़ा नहीं होते,
मशवरा कर लेना बिछड़ने से पहले..

पास रखना ज़रा अहद-ओ-वफ़ा का,
जुदा अपनी राहें तुम करने से पहले..

मुक़ाबिल जब भी आईने के आओगे,
तुम्हे याद आऊंगा सँवारने से पहले..

ये दिल के रिश्ते बहुत नफ़ीस होते हैं,
थाम लो तुम इसे बिगड़ने से पहले..

-


Show more
48 likes · 5 comments
Shaikh Rafik 7 HOURS AGO

कली गुलाब की जैसे शरमाई हुई..
चाँद की रौशनी में नहाई हुई..
मैं गुनगुनाता हूँ शबो-रोज़ जिसे,
तू वही ग़ज़ल है ख़्वाब में आई हुई..

-


118 likes · 26 comments
Shaikh Rafik 7 HOURS AGO

कितना अजीब यह इंतेशार है..
बेताब दिल मेरा औ बेकरार है..
तालिब है दिल,तेरे विसाल का,
कितना तवील मगर इंतज़ार है..😒

-


Show more
78 likes · 17 comments
Shaikh Rafik 30 MAY AT 15:19

मैंने इक राज़ सारी दुनिया से निहां रखा है..
मैंने ख्वाबों में फ़क़त तुमको ही बसा रखा है..

-


Show more
108 likes · 80 comments · 1 share
Shaikh Rafik 30 MAY AT 13:27

जो दिलसे उतर गये,क्यों उनका मलाल करना था..
ग़म उनका क्या करे, जिन्हें इंतिक़ाल करना था..

-


Show more
124 likes · 45 comments
Shaikh Rafik 30 MAY AT 13:16

यही हसरत है, मेरे हाथों में तेरा हाथ हो..
मुझे और क्या चाहिए, जब तेरा साथ हो..
उठाकर हाथ दुआओं में बस यही माँगा है,
खुदा करे, मेरी तुम से जल्दी मुलाक़ात हो..😛

-


Show more
86 likes · 34 comments · 1 share
Shaikh Rafik 29 MAY AT 15:30

बहुत खूब होती है, हसीनों में ये अदा..
चार दिन की चाहत और फिर अलविदा..

بہت خوب ہوتی ہے حسینوں میں یہ ادا
چار دن کی چاہت اور پھر الوداع

-


124 likes · 28 comments
Shaikh Rafik 29 MAY AT 14:29

सुनो..
मयस्सर जब तेरी दीद होगी..
अब उसी दिन मेरी ईद होगी..🙁

-


116 likes · 24 comments
Shaikh Rafik 29 MAY AT 14:26

फिर हमने उनके ऊपर तूफ़ान भेजा और टिड्डी और जुएं और मेंढक और ख़ून, ये सब निशानियाँ अलग-अलग दिखाईं फिर भी उन्होंने तकब्बुर किया और वे मुजरिम लोग थे।

پھر ہم نے ان پر طوفان بھیجا اور ٹِڈیاں اورگھن کا کیڑا اور مینڈک اور خون ، کہ یہ سب کھلے کھلے معجزے تھے سو وہ تکبر کرتے رہے اور وہ لوگ کچھ تھے ہی جرائم پیشہ ۔

(Quran Surat-ul-Ayeraaf Ayat #133)

-


Show more
84 likes · 11 comments · 1 share
Shaikh Rafik 28 MAY AT 13:17

दिल से तेरी याद का साया ना जायेगा..
तेरा प्यार दिल से भुलाया ना जायेगा..

आएंगे मेरी आँख में आँसू बहुत मगर,
रुसवाइयों के डर से बहाया ना जायेगा..

ठहरो ज़रा समेटलूं टुकड़े अपने दिल के,
पल ये गुज़ार गया तो उठाया ना जायेगा..

पूछेगा गर सबब कोई आंसुओं का तुमसे,
तुमसे भी फिर यक़ीनन बताया ना जायेगा..

-


139 likes · 68 comments · 1 share

Fetching Shaikh Rafik Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App