Satish Yadav  
2.7k Followers · 96 Following

Satish Yadav 16 HOURS AGO

On a break from YourQuote..!! 😊

-


35 likes · 5 comments
Satish Yadav 11 OCT AT 19:05

मेरा मंदिर , तेरी मस्जिद ...तेरा गुस्सा , मेरी भी ज़िद ...!!
एक ही घर है, हम दोनों का ...यहीं दीवाली, यहीं तो है ईद ..!!
तू भी अपनी कुरान उठा ...और मैं गीता पर रखूँ हाथ ...!!
तू कह दे जो दिल में तेरे ...मैं भी रखूं अपनी बात ...!!
एक सरहद बना चुके हैं ...खींचे अब कितनी लकीरें ..?
दिल के कितने टुकड़े कर दें ..?बाँट दे क्या सब तक़दीरें ..?
रंग भी हमने बाँट दिए हैं...है तो पर ना एक तिरंगा ...!!
पानी का कोई नाम है क्या ?..तेरा ज़म ज़म मेरी गंगा ..?
मैं थाली में दिया रखूं ...तू अपनी लोबान जला ...!!
मैं पहुंचाऊं चालीसा तुझ तक ...तू मुझ तक अज़ान चला ...!!
स्कूलों ने तो नहीं सिखाया ...जाने कहाँ से लगा ये रोग ..?
तिलक और टोपी लगाकर ...अलग अलग हो जाते हैं लोग ..?
कितनी नसलें ढोएंगी ये ..?तेरी मेरी नफरत का बोझ..!!
कल आएगा, क्या देंगे उनको ..?.मैं भी देखूं , तू भी तो सोच ...!!
तू कुछ अपनी उम्र घटा ...बच्चों सा बन जाऊं मैं भी ...!!
चल आ, मिलकर भुला दें ...सीख लिया है अब तक जो भी ..!!
चल आ, मिलकर भुला दें ...सीख लिया है अब तक जो भी ...!!

-


56 likes · 21 comments
Satish Yadav 10 OCT AT 20:46

मैं सबसे ज़्यादा किसी बात से परेशान हो जाता हूँ तो वो मेरी व्याधियों से नहीं बल्कि पेंडयूलम जैसी मेरी मानसिकता से जो किसी क्षण मेरे मन को अनन्त आकाश जितनी गम्भीरता की ओर ले जाता है और किसी दूसरे क्षण मुझमें पराकोटी की उथलता भर देता है..मैं जानता हूँ इस बात से मुझे डरना चाहिए..!!!

-


63 likes · 1 comments · 1 share
Satish Yadav 9 OCT AT 17:48

मैं समाज नही हूँ
इसका मतलब ये नही की
मैं समाज का हिस्सा नही हूँ
अगर मैं हिस्सा हूँ तो
इसका मतलब ये नही की
समाज मे चले आ रहे खोखले नियम को
मैं अपने हाथों से आगे आने वाले पीढ़ियों को दूँ
मैं समाज नही हूँ
सुना तुमने मैं समाज नही हूँ !!

-


74 likes · 7 comments
Satish Yadav 9 OCT AT 9:20

तजुर्बे के मुताबिक खुद को ढाल लेता हूँ!
कोई प्यार जताए तो जेब संभाल लेता हूँ!!

वक्त था सांप की परछाई भी डरा देती थी!
अब एक आध मैं आस्तीन में पाल लेता हूँ!!

बहुत जला चुका उंगलियाँ मैं पराई आग में,
अब कोई झगड़े में बुलाए तो मैं टाल देता हूँ!!

-


69 likes · 9 comments · 2 shares
Satish Yadav 9 OCT AT 8:41

सुना है आप शायरी के शौकीन है,फिर आपको!
समझना चाहिए हम आपकी बेटी से इश्क़ करते है !!

-


69 likes · 19 comments · 1 share
Satish Yadav 8 OCT AT 22:28

लिखना जब औरत बद-किरदार थी जिस्म बेचती थी.!
ये भी लिखना कि मर्द इज़्ज़तदार था उसके पास जाता था!!

-


60 likes · 9 comments
Satish Yadav 8 OCT AT 21:01

बुरा होना बुरा नहीं है, बुरा होकर अच्छे का दिखावा करना बहुत बुरा है. मैं बुरा हूँ पर अच्छा बनने का दिखावा नही करता औरो की तरह !!

-


77 likes · 8 comments
Satish Yadav 8 OCT AT 20:34

ज्ञान की बात छोड़िए अगर किसी पुरुष के पास एक सुंदर चरित्र है तो वो किसी स्त्री को नज़र उठाकर नहीं देखेगा...रावण अज्ञानी तो था ही चरित्र हीन भी था..!!

-


Show more
51 likes · 8 comments
Satish Yadav 8 OCT AT 6:21

हे दशानन !
युग-युग से,
हम तुझे यूं ही जलाते आ रहे हैं,
किंतु तू वो है, कि मरता ही नहीं है।
अपहरण, साधू के भेष में राक्षस जटायु को मार रहे हैं, इंसानियत हर रोज मर रही है, अहं, द्वेष का जहर, अहंकार हर रोज सर उठा रहा है। अब समय आ गया है तू ही अपनी नाभि के अमृत का नाश कर।

-


56 likes · 2 comments

Fetching Satish Yadav Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App