Saket Garg   (साकेत गर्ग 'सागा')
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Blogger, Journalist, Writer, Social Activist
Joined 13 September 2016


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14 SEP AT 14:59

यह चार साल बीते, YourQuote पर, मेरे कुछ ऐसे
ख़ुद को पा लिया हो, ख़ुद के ही भीतर, जीते-जी जैसे

- साकेत गर्ग 'सागा'

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5 AUG AT 20:45




- साकेत गर्ग 'सागा'

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28 FEB AT 10:52

थक गया तेरे इम्तहानों से मैं ज़िन्दगी
ऐसा कर अब तू मुझे फेल कर ही दे

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25 FEB AT 11:50

वक़्त कहाँ बदल रहा है यह मेरा, वक़्त तो बस गुज़र रहा है मेरा
गुज़र जाऊँगा मैं उस दिन, जिस दिन नहीं गुज़रेगा मुझसे यह वक़्त मेरा

- साकेत गर्ग 'सागा'

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23 FEB AT 0:26

माँ जो सुलाती है मुझे, मैं आज भी चैन से सो जाता हूँ
चारागर ने लिखी है जो नीन्द की दवाइयाँ, उनसे कहाँ सो पाता हूँ

मेरी माँ आज भी, मेरे सारे नाज़-ओ-नख़रे उठाती है
लालच तो नहीं है कोई, मैं ऐसे ही उनके पैर दबाने चला जाता हूँ

- साकेत गर्ग 'सागा'

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20 FEB AT 12:40

नाम उसका आते ही, आज भी धड़कन मेरी बढ़ जाती है
वो आज भी मेरे दिल के, उतनी ही करीब है

- साकेत गर्ग 'सागा'

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18 FEB AT 13:34

कुछ सवाल...

उससे, उस ख़ुदा से, मेरी किस्मत से और इस ज़िन्दगी से


(पूरी नज़्म नीचे कैप्शन/अनुशीर्षक में पढ़ें )


- साकेत गर्ग 'सागा'

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13 FEB AT 12:15

ज़रा लगा दो मेरे नाम का भी सट्टा कोई, आज भरे बाज़ार में
उसने जाते-जाते मुड़ कर देखा है मुझे, आज भरे बाज़ार में

- साकेत गर्ग 'सागा'

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13 FEB AT 2:39

Hug day, Feburary 12th, 2020.

"Hug"

There was something in her hug! Something, that I felt, I experienced,
but was never-ever able to explain in words.

Something, like a 'power'. Yes! There was a power in her hug. A power, that changed me & my life forever. Something that made me (a small town boy, who was never been hugged, even by the male friends), belive in the power of a hug.

Something, like a flow of 'energy'. Yes! There was an energy in her hug.
An electric... no! A cosmic... no! Rather a divine flow of energy, energy that made me belive, I existed. Man! for the first time in the decades of breathing,
I felt alive.

There was an 'aroma' in her hug. A fragrance! Fragrance of her skin.
Fragrance of her body, blended with her sweat. Fragrance that gave me an aromatherapy. A therapy that ignited my soul. A fragrance that even after years, I still feel, each and every day, without a miss.

There was 'love' in her hug. Yes! There was love. Pure. Divine. Love.
The love that I felt. The love that she felt. The love that 'we' felt. Love that made me believe, in the magic of love. In the magic of her love. In the magic of 'her'.

I miss her hug!
I miss her!
I love her!

Saket Garg

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11 FEB AT 16:39

मेरी कुछ गलतियों ने मेरी सारी फ़िक्र और अच्छाइयों को मिटा दिया
मैं कुछ दिन गलत लगा और उसने महीनों के बेगरज़ प्यार को भुला दिया

- साकेत गर्ग 'सागा'

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