Ravindra Gupta   (Instagram/i_m_guptajiii)
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Joined 13 March 2019


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Joined 13 March 2019
25 FEB AT 18:11

आपने अक्सर देखा होगा दादी या नानी लोग संतान में
रूप में पुत्री नहीं चाहते ऐसा क्यों क्युकिं उन्होंने
वो सब सहा होता है जो एक स्त्री
के जीवन में घटित होता है वो अपने जमाने में इतनी
पीड़ित हो जाती है कि नहीं चाहती कि आने वाली संतान को वो सब
भुगतना पड़े।

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24 FEB AT 18:23

SCROLL तो हम सबको ज़िंदगी कर रही है।
MOBILE तो बस ज़िंदगी का साथ दे रहा है।

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23 FEB AT 18:45

तू छोड़ेगा तो लोग हमें नये मिलेंगे
पर ये फूल तेरे बिना कहाँ खिलेंगे,
किसी ने देखा तो तू हो जायेगा बदनाम
तेरा दिया जख्म अब हम खुद सिलेंगे,
तेरे होने से थी रोशनी ज़िन्दगी में मेरी
अब जलेंगे भी तो ये दीये बेकार जलेंगे,
सफ़र-ऐ-ज़िन्दगी तो ख़त्म होने से रहा
अब थक गये हैं अब हम कल चलेंगे,
तुझको ना सही इन्हें तो है इश्क़ मुझसे
तेरे बाद इस दिल में तेरे ख़्वाब पलेंगे,
अब हमें खुद को बर्बाद करना है राग
चलो चलते है तुमसे कभी फिर मिलेंगे।

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22 FEB AT 18:09

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21 FEB AT 18:18

जिन्दगी हम से ज्यादा हमारी यादों की है,
कुछ वक्त हम खुद किसी की यादों में होते हैं,
बाकी वक्त लोग हमारी यादों में रहते हैं।
जन्म लेकर मां- बाप की यादों में बसना
बड़े होकर उन्हें अपनी यादों में बसाना,
समय के साथ वो बस यादे बनकर रह जाना।
इन्हीं यादों का कभी हमारे होठों पे खिलखिलाना,
तो कभी आंखों से मोती बनकर छलक जाना,
हमें उनकी और उन्हें हमारी याद दिलाना।
जिंदगी यादों के सफर में चलती चले जाना,
और हमारे ही चल बसने का समय आ जाना,
और हमारा सचमुच बस यादें बनकर यादों में रह जाना।
जिन्दगी हम से ज्यादा हमारी यादों की है...

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19 FEB AT 18:09

us inshaan ke liye
Maa बाप se na jane kitne jhoot बोले...

Jo बाद mae humse hi दूर ho gaya...
jhoot bol bol ke

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18 FEB AT 17:41

खुद ko bhale koi khushi na de पाये हो...
दूसरों ko baatne mae kabhi kami nhi रखी...

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13 FEB AT 18:19

उनसे कहो, के हमे ना बताये यहाँ कौन कैसा है?
हमको सभी ने अपना असली रंग दिखा के रक्खा है.!
यूँ ही बेपरवाही से करेंगे गुनाह साहेब,
मेरी गिरफ़्तारी पे कितना ईनाम रक्खा है.?
हमें मालूम है असलियत, के वहाँ क्या होगा,
तुमने क्या ये ज़न्नत ज़न्नत लगा के रक्खा है.?
हर रोज़ खुद नज़रे मिलनी होती है,
हमने घर में अपने, आईना लगा के रक्खा है..!
ठोकरें खायी मग़र, गिरा नहीं ज़मीर मेरा,
माँ ने अच्छे से चलना सीखा के रक्खा है.!

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11 FEB AT 18:11

इतने वादे तोड़े किसी ने, अब एक ही वादा चाहिए
कोई चाहे कुछ भी करें, बस अब वादें ना करें।।

#happy promise day 👍✌

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10 FEB AT 18:33

दिल से दिल ही ना मिला तो फायदा क्या।
इश्क़ शर्तों पर किया तो फायदा क्या।
उम्र जिसकी जुस्तजू में कट गई, वो
अब मेरा हो भी गया तो फायदा क्या।
दर्द उठे पर आह ना निकले जुबाँ से..
जाम अगर छलका दिया तो फायदा क्या।
रात सारी तीरगी में कट गई जब।
तब दिया रोशन हुआ तो फायदा क्या।
हू-ब-हू ना बन सकूँ तो ना बनूँ पर..
नक़्ल भी ना बन सका तो फायदा क्या।

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