5 SEP 2023 AT 13:00

जो कुछ लम्हा बचा लेते,
तो ये क़िस्सा नहीं मिलता ।
सुखन वो छोड़ दो पाग़ल,
जहां हिस्सा नहीं मिलता ।।

- कवि- पवन पागल "पागलबाबा"