Parishu Tiwari   (PāriShū)
13.0k Followers · 7 Following

Joined 23 February 2020


Joined 23 February 2020
21 NOV AT 12:20

गैरो से मिले गम थे जो अपनों में वो बाँट बैठें
अपनों के हक़ की खुशिया वो गैरों में लूटा बैठें
नाकामियो में साथ थे जिनके वो शोहरतो में भुला बैठें
अपनों से करने वाली बातें भी वो आज महफ़िलों में सुना बैठें

-


20 OCT AT 15:35

कभी जो हाथ थामा था
आज अकेला छोड़ आये हो
मेरी खुशियों का सौदा तुम
गमो के साथ कर आये हो

पलकों पर बिठा जिसे आज
जमीं पर छोड़ आये हो
एक दफा संभालकर तुम
सौ दफा दिल तोड़ आये हो

-


20 OCT AT 14:29

मान लिया मेरी गलती थी आँखे बंद कर
जो तुझपे भरोसा किया करती थी
आँख खुली तो जाना सच
कसूर तेरा नहीं कसूर
तो मेरे दिल की थीं

-


20 OCT AT 10:51

ज़माने से मिले इन ज़ख़्मो पर कामयाबी का मरहम लगाएँगे
अपनी नाकामयाबी की लङाई को हम मेहनत कर हराएँगे

-


20 OCT AT 10:13

कुछ रिश्ते जिस हाल में है उन्हें वैसे ही छोड़ देना बेहतर होता है
कभी कभी उन्हे ज्यादा संभालने में हम खुद भी बिखरने लग जाते है

-


15 SEP AT 20:03

अंधेरों से निकल के तेरी यादो से मैं लड़ गयी
रौशनी का संग पा के टूट के भी संभल गयी

-


14 SEP AT 10:10

हक़ीक़त में बदलने के इरादे से कुछ ख्वाब नए संजोए रही हूँ
ख्वाबो के नगर में मैं एक नए सफ़र पर निकल गयी हूँ

-


2 SEP AT 22:24

हक़ीक़त जान कर भी
उसे नजरअंदाज किया करती थी
उस बेवफा के वादों पर
आंखे बंद कर विश्वास किया करती थी
वो झूठ बोल कर भी
लोगो के सामने ईमानदार बना फिरता था
खुद से की हुई बेवफाई को भूल
लोगों से वफ़ा की बात किया करता था

-


29 AUG AT 11:40

जिससे बनती जीवन रेखा मैं अंतहीन वह बिन्दु हूँ
हिन्दी हिन्दुत्व मेरा परिचय है गर्व मुझे मैं हिन्दू हूँ

-


21 AUG AT 19:34

जिन लम्हों के तुम कभी हिस्सा हुआ करते थे
आज वो हर लम्हा एक किस्सा बन कर रह गया है

-


Fetching Parishu Tiwari Quotes