वो समज जाते जो कभी हम कह नही पाये तो उलझे हुए रिश्ते थोडे और सुलझ पाते — % & - Niketa shah
वो समज जाते जो कभी हम कह नही पाये तो उलझे हुए रिश्ते थोडे और सुलझ पाते — % &
- Niketa shah