Niharika Jha   (स्याह दिलवाली🖤)
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Sorry No bio.I've maths😉
Joined 29 January 2019


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Joined 29 January 2019
Niharika Jha 30 MAY AT 16:30

गले मिलो मुझसे तुम
या झट से मुँह फेर लो,
ये बीच का हाथ मिलाना
मुझसे तो होगा नहीं।

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Niharika Jha 29 MAY AT 7:25

हमारे मध्य प्रेम से जुड़ी सारी स्मृतियां
शायद समय के अंत तक मिट जाए,
मगर तुम्हारे सुझाव से ख़रीदी गयी
शेल्फ पर पड़ी तकती उन किताबों
के बीच बुकमार्क बनी वो तमाम
स्मृतियां रहेंगी अनंतकाल तक।

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Niharika Jha 25 MAY AT 12:00

ईद नहीं मनाई?
चाँद नहीं दिखा।
खिड़कियाँ बंद होंगी!
शहर बंद है।

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Niharika Jha 24 MAY AT 0:35

सो क्यों नहीं जाती?
सो जाऊंगी।
रात बहोत बीत गयी है!
यक़ीनन, बहोत रातें बीत गयी है।

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Niharika Jha 21 MAY AT 12:26

मुझसे प्यार करती हो?

तुमपर ग़ुरूर करती हूँ।

सिर्फ़ ग़ुरूर ही?

ग़ुरूर भी।

ही और भी में उलझा देती हो!


मैं 'भी' तुममें 'ही' उलझी हूँ।

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Niharika Jha 20 MAY AT 8:41

सच कहूं तो तुम्हारे बाद
भी धड़कता है दिल मेरा,
मगर अब सीने में नहीं।
.
फिर?
.
बेबसी में बहते अश्कों में,
तेरा नाम कहती नज़्मों में,
प्रेम पर लिखी कविताओं में,
तड़के आँखें खुलती खाली बाहों में!
.
और जब-जब महसूस होती है मुझे
हमारे मध्य की दूरियां, तब-तब
मेरा दिल धड़क उठता है ज़ोरो से
हाँ बहोत ज़ोरो से।

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Niharika Jha 17 MAY AT 11:13

वो मंज़िल जिसनें
सिर्फ़ मेरी राह तकी थी,
विरह में तुम्हारे जिस तक
पहुँच न सकी मैं,
हाँ सुनो, उस मंज़िल
की भी हाय लगी मुझे।

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Niharika Jha 16 MAY AT 8:38

इसमें भी तो मैंने तुम्हारा साथ दिया,
तबाह भी ख़ुदको हमनें मिलकर किया!

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Niharika Jha 15 MAY AT 7:48

तुम कितनी पागल हो?
जितना तुम सह सको।
मुझपे क्यों मरती हो?
मर जाना ही परम सत्य है।
मेरे बग़ैर रह लोगी?
बंधन का मोह नहीं।
फिर ग़ुरूर किस बात का?
प्रेम में तुम्हारे साथ का।
याद करती हो मुझे?
ख़ुद को तो भूल चुकी।
सवाल ख़त्म हो गए तो?
तुम जीत जाओगे।
तो तुम वार्तालाप हार गई?
मैं कुछ लम्हें जीत गई।

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कन्वर्सेशन!🖤



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Niharika Jha 12 MAY AT 7:20

जब कभी भी अपनी
बेटी की अनुपस्थिति में,
किसी अन्य लड़की से
चाहे कोई एक प्याली चाय
या डलवाले कोई
वृद्ध स्त्री सुई में धागा,
तब उसी क्षण से हो जाता है
उसका उनपर उनकी बेटी
जितना ही एक अबोध
भावनात्मक अधिकार।

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