कितना कुछ कहना है और सुनने को कोई नहीं है..
इतनी भीड़ है पर अपना कहने को कोई नहीं है!
दुनिया के इस शोर में भी सन्नाटा सा छाया है..
आहट हुई तो लगा मानो तुमने ही पुकारा है।
तुम होती तो शायद ये आंखें नम ना होती...
तुम होती तो शायद ये गम ना होता।
अब चली गई हो तो दुबारा आदत लगाना मत...
अब तुम कभी लौट के आना मत।
हजार वजह है तुमसे नफरत करने के लिए ..
लेकिन ..
मेरी दोस्ती ही काफी है तुम्हे याद रखने के लिए।
- Neha
27 FEB 2019 AT 2:44