नेह!   (नेha शुkla "शून्य")
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Joined 24 March 2019


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23 SEP AT 11:54

पता है?

जब-जब चांद चरम पर होता है
मेरा तुम्हारे प्रति प्रेम थोड़ा और बढ़ जाता है
पर जब अमावस्या के प्रभाव से
चांद विलुप्त हो जाता है
तो मेरा प्रेम क्षरित ना होकर
चरम को छू लेता है
तुम्हारी अनुपस्थिति में भी
प्रेम का क्षरण ना होना
हर अमावस्या को प्रेम की एक नई मिसाल देता है।

"दुनिया जानती है
अपने जोड़े की अनुपस्थिति में किया गया प्रेम
निश्चल होता है।"

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13 SEP AT 16:58

"आशाएं,हृदयप्रवर्तक होती है!"

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9 SEP AT 20:44

"माथे की
जटिल लकीरों पर
सदैव
भारी पड़ा है एक
चुम्बन।"

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29 AUG AT 11:19

"प्रेमलकीर"

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26 AUG AT 16:15

"किताबें!"

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29 JUL AT 20:10

मोहब्बत!

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20 JUL AT 13:10

"अमृत कलश"

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20 JUN AT 10:06

"प्रेम में पड़े लड़के
चाँद-तारे
नही तोड़ते....

वो
महीने के उन दिनों,
सेक देते है
एक मुट्ठी धूप से
अपनी प्रेमिका की कमर!!"

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18 JUN AT 11:11

"मैं नही जानती चाहतों की उम्र कितनी होती है पर इतना जानती हूँ कि ये ताउम्र चलती है।।"

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18 JUN AT 0:32

तुम मेरी बन्द आँखों का वो खूबसूरत उजाला हो...जिसे मैं अनंत तक महसूस कर पाऊँगी!!

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