Mahesh Singh Rajput   (Chandan...)
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Joined 8 June 2020


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25 OCT AT 15:32

वो नादान भी है वो पागल भी है, वो मेरे हर सांसों में शामिल भी है।
कुछ कहानियां अधूरी रह गई मेरी, वरना मुझे सारी खुशियां हासिल भी है।।

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21 OCT AT 22:22

लिखते लिखते थम सा गया हू,की अब और लिखा नही जाता।
कितना भी मैं चाहूं पर अब मोहब्बत के बारे में कुछ सुना नही जाता।।

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18 OCT AT 8:40

रुकु मैं क्यू सफर अब भी जारी है।
मुलाकात होगी उनसे संघर्ष अब भी जारी है।।
अभी तो टूटे है कुछ ख्याल हमारे।
अभी हममें अब भी कुछ जुनून और हिम्मत बाकी है।।
छूटा तू है पर अब भी तुम्हारी यादें साथी है।
कुछ जल चुके है कुछ खत अब भी जलना बाकी है।।
दिए सूख गए है जल रहे बाती है।
"मोहब्बत हार गई मेरी", हा यही कहानी जिंदगी मुझे सुनाती है।।

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13 OCT AT 11:38

बादाम खाता था चीजों को याद रखने के लिए।
मोहब्बत क्या हुई ,भूलने के लिए शराब पीने लगे।।

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9 OCT AT 19:11

जरा ख्याल रखना हमे तोड़ते वक्त, हम पहले से टूटे है किसी के यारी से।
मोहब्बत के खंजर मत लाना, हम आए है इस बार पूरी तैयारी से।।

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8 OCT AT 12:37

सफर अधूरा है अभी पर पूरा करना चाहता हूं।
मैं फिर से एक दफा तुम पे मरना चाहता हूं।।
कई बार कह चुका हूं फिर भी कहना चाहता हूं।
मैं हर सफर तेरे साथ साथ करना चाहता हूं।।
डूब चुका हू मै फिर भी और डूबना चाहता हू।
तेरे यादों में रहे जो वो खयाल बनना चाहता हूं।।

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6 OCT AT 9:23

"I Love You" कितना छोटा शब्द है ना पर कभी कह नहीं पाया मैं।
दिखी तो कई बार वो पर कभी मिल नही पाया मैं।
माना कुबूल नही होती मोहब्बत हर किसी की यहाँ।
पर टूट कर चाहा जिसे उस से ही ये बात क्यों कह नहीं पाया मैं।।

आजमाऊंगा किस्मत फिरसे सफर वही दोहराऊंगा मैं।
मिले या ना मिले फिर भी टूट कर चाहूंगा मैं।।
नसीब में हो या ना हो फर्क पड़ता कहा है?...
किस्मत को भी पता है हार मानूंगा कहा मैं।।

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5 OCT AT 19:04

डूबते डूबते बचे उनके आंखों में चलो अब एक और काम करते है।
आजमाते है मोहब्बत में किस्मत अपनी और जिंदगी तबाह करते है।।

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5 OCT AT 10:48

कहा तक खामोश रहूं अब तो जुबान भी मजबूर है।
कहा तक रोकू आंसुओं को अब तो आंखे भी मजबूर है।।
यू तो तुम मिले नही हमे कभी भी किसी राह में उस मुलाकात के बाद।
पर तुझ से मोहब्बत हुई है मुझको, दिल को इस बात का ही गुरूर है।।

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4 OCT AT 10:56

बढ़ते कदम थे बहकती राते थी हम भी अधूरे थे बाते भी बाकी थे।।
अभी तो मोहब्बत हुई थी हमको, दीवानगी पागलपन बाकी थे।।

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