Khwahish Shah   (Khwahish shah)
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Joined 29 August 2018


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24 JAN AT 22:20

तुम्हें जानकर
मैने जाना

मेरी खिलती मुस्कान
तुम्हारी उँगलियों से मेरे चेहरे पे उतारी गयी
कोई कविता हैं

कि कैसे कोई नम शिथिल तुम सा लड़का
प्रेम को दृढ़ता से
खुद को मेरी हथेलियों में सौंपता हैं

हाँ और ये भी कि
तुम्हारें होठों पे रखा मौन
इस शोर करती दुनिया का
विलोम और प्रेम का पर्यायवाची हैं

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14 JAN AT 22:34

कुछ किताबें भरे पड़े होते हैं
अनसुलझे सवालों से
पर उनका
हर एक पन्ना
हर एक पंक्ति
आपसे सौ सवाल नहीं करेंगे
बल्कि
आपके सवालों को हल दे जायेंगे .

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11 JAN AT 18:41

तुमसे बात करते हुए...

(अनुशीर्षक में पढ़े ..)

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9 JAN AT 17:26

तुमसे कहना कठिन हैं
और चुप रहना बहुत कठिन

ये दो विकल्प हैं प्रेम में
एक ही बात के लिए ...।

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23 DEC 2020 AT 18:54

तुम्हारा प्रेम स्वीकार्य था ...
(अनुशीर्षक में पढ़े )

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12 DEC 2020 AT 7:40

....

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27 NOV 2020 AT 7:52

ओस..

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4 NOV 2020 AT 19:07

सुनो लड़के....

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15 OCT 2020 AT 22:54

काला रंग दुःख है ...
(अनुशीर्षक में पढ़े)

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13 OCT 2020 AT 19:59

कभी कभी कुछ प्रेमिकाएँ प्रेम पा लेती हैं ....
पर प्रेमी को खोकर ....!

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