Jyoti Sehrawat   (SeHrAwAt SaHiBa)
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Joined 22 February 2020


Joined 22 February 2020
5 APR AT 17:41

मेरे मौन रहने पर भी
मेरे मन को भाप लेते हो
क्या सच में तुम मुझे
इतना समझ लेते हो
..............

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17 MAR AT 15:22

गैरो से क्या डरना गालिब
यहां तो अपनो का दिल काला है
ंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंं

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2 MAR AT 11:30

इतना भी नज़दीक ना आओ हमारे
कि दूर जाना ही नामुमकिन हो जाये
,,,,,,

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2 MAR AT 0:28

तुम क्यूं सोचती हो ऐसा,
क्यूं खुद को कमतर समझती हो
क्या फर्क पड़ता हैं तुम्हे
क्या सोचते है वो तुम्हारे बारे में
क्या सच में जानते हैं वो तुम्हे
तुम्हें खुद नहीं पता खुद का,
कि कितनी बेशकीमती हो तुम
जब तुम खुद ही नही जानती हो,
अपनी खुद की खूबियां और खामिया ,
फिर क्यूं उन चंद करीबियों की बातों
को तुम इतना बढ़ावा दे बैठी हो ,,,,,,,,,,
क्यूं खुदको तुम ऐसे सौप बैठी हो,
क्यूं तुम उनपर इतना भरोसा कर बैठी हो,
कभी तो खुद पर विश्वास कर के देखो ना,
कभी तो खुद से भी प्यार कर के देखो ना,,,
इस आत्मविश्वास के आइने में एक बार
खुद को उतार कर तो देखो ना,,,,,,,,,
एक बार ही सही ,पर खुद पर विश्वास
कर के तो देखो ना,,,,,,,,,,

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27 FEB AT 23:27

To loose anyone
If u want to stay ,
You can ...
But if u want to go,
Then what are you waiting for....
Just go ......

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25 FEB AT 11:00

क्या समझते हो तुम ?
तुम बदलतें रहोगे,,,,,
और हम वैसे ही रहेँगे
माना कि मुझे
समाज के साथ मिलकर चलना नही आता
बुरे के साथ बुरा बनना नही आता
पर तुम्हे अपनी ज़िन्दगी में,,
खास से आम करना तो हमे बखूबी आता हैं..

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8 FEB AT 7:50

सबसे गहरा घाव अपने देते है ...
बचपन में सुना करतें थे ...
जब ज़िन्दगी ने आयना दिखाया
तो महसूस हुआ ....
कुछ बातें सिर्फ बातें ही नहीं होती ,
समाज की आपबीती होती है
हर शायर की लिखी जुबानी
सिर्फ सायरी नहीं होती
ज़िन्दगी की कहानी भी होती है
.........…..

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7 FEB AT 15:14

अगर ज़िन्दगी में वास्तविकता से रुबरु होना चाहते हो ना
तो गलत को ग़लत और सही को सही बोल के देखो
आप सबकी नजर में गलत हो जाओगे ......
.......................

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19 JAN AT 23:47

पर दिखता सब कुछ है मुझे
सब समझ आता है मुझे
वो अपनेपन का मुखौटा
वो जूठी मुस्कान ,
वो सामने की चाहत
पीठ पीछे की नफरत,
वो तेरा मतलबी चेहरा
उन सबकी बदनीयत
चुप तो हूं मैं.....
पर समझती तो सब कुछ ही हूं ना

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19 JAN AT 23:19

हम तो कमबख्त कब का भूल जाते तुम्हे ..
पर ये हिचकियों का सिलसिला .....
भुल के भी याद दिला ही देता हैं.......
..........

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