Ek Khwab Si Ladki  
7.9k Followers · 38 Following

read more
Joined 12 February 2018


read more
Joined 12 February 2018
Ek Khwab Si Ladki 18 HOURS AGO

इबादत अब नहीं करते, हिका़रत अब नहीं करते
किसी से हम कोई भी तो शिकायत अब नहीं करते

कोई हमको नहीं समझा, किसी को हम नहीं समझे
समझने और समझाने की ज़हमत अब नहीं करते

न पूछो हम सभी से क्यूँ यहाँ अनजान रहते हैं
किसी भी अजनबी पर क्यूँ इनायत अब नहीं करते

किसी की आँख में अब वो मुहब्बत ही नहीं दिखती
सो उससे की थी हम वैसी मुहब्बत अब नहीं करते

तेरे पहलू में कोई कुफ़्र की ख़्वाहिश न कर बैठें
इसी डर से तमन्ना-ए-ज़ियारत अब नहीं करते

वफ़ा की आख़िरी उम्मीद भी दम तोड़ बैठी है
किसी से इश्क़ करने की हिमाक़त अब नहीं करते

ज़माना क्या सज़ा देता हमें, हम इश्क़ की यारो
सज़ा देते हैं ख़ुद को ही, रिआ'यत अब नहीं करते

वो कहते हैं किसी शाइर की बातों का भरोसा क्या
चलो फिर छोड़ दो ज़िक्र-ए-तबीयत अब नहीं करते

हमारी रूह का एक एक ज़र्रा 'ख़्वाब' उनका है
प' ज़ाहिर ख़्वाह-मख़ाह उन पर हक़ीक़त अब नहीं करते

-


67 likes · 9 comments · 2 shares
Ek Khwab Si Ladki 5 APR AT 14:17

ख़ुद को गले लगा के कभी रोएँगे बहुत
आँखों को दिल बना के कभी रोएँगे बहुत

-


70 likes · 9 comments · 1 share
Ek Khwab Si Ladki 2 APR AT 21:36

उस की ख़ामोशी में भी तल्ख़-नवाई है बहुत
इस रह-ए-गुफ़्तगू में आबला-पाई है बहुत

-


Show more
69 likes · 14 comments · 5 shares
Ek Khwab Si Ladki 30 MAR AT 12:32

एक लड़की ने तेरे इश्क़ में ऐ शहज़ादे
रत-जगे काटे हैं और जान जलाई है बहुत

-


86 likes · 14 comments · 5 shares
Ek Khwab Si Ladki 29 MAR AT 19:42

उस की ख़ामोशी में भी तल्ख़ नवाई है बहुत
इस रह-ए-गुफ़्तगू में आबला-पाई है बहुत

दूर रह कर भी वफ़ा जिस से निभाई है बहुत
ठोकरें भी उसी से इश्क़ में खाई है बहुत

ज़िंदगी ख़ाक है तो ख़ाक उड़ाई है बहुत
गर लतीफ़ा है तो हँस हँस के चिढ़ाई है बहुत

-


97 likes · 8 comments · 2 shares
Ek Khwab Si Ladki 24 MAR AT 19:36

बाज़ औक़ात सोचते हैं कि जब
हम न होंगे तो कौन रोएगा



*बाज़ औक़ात - sometimes

-


Show more
88 likes · 1 comments · 2 shares
Ek Khwab Si Ladki 23 MAR AT 11:52

मुसाफ़िरों की तरह रहगुज़र में रहता है
ये रास्ता भी मुसलसल सफ़र में रहता है

हर एक कमरे में आईना इसलिए रक्खा
लगे कि कोई मेरे साथ घर में रहता है

-


89 likes · 17 comments · 6 shares
Ek Khwab Si Ladki 17 MAR AT 17:44

आँखों की गर्त से सभी आँसू निकाल के
सहरा बना रही हूँ मैं दरिया उबाल के

पूछे कोई मैं कौन हूँ तो क्या जवाब दूँ
मुमकिन कई जवाब हों जब इस सवाल के

-


Show more
95 likes · 12 comments · 1 share
Ek Khwab Si Ladki 16 MAR AT 14:05

अँधेरी रात में हम भी दियों के साथ जलते हैं
किसी की याद में बस ख़्वाह-मख़ाह हर रात जलते हैं

-


Show more
89 likes · 6 comments · 1 share
Ek Khwab Si Ladki 15 MAR AT 22:54

जीत कर भी सभी ने हारी है
इश्क़ की बाज़ी दिल-सिपारी है

सोचते हैं नहीं तुम्हें शायद
क़द्र जितनी हमें तुम्हारी है

-


Show more
78 likes · 6 comments

Fetching Ek Khwab Si Ladki Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App