घिर जाना गर कांटों से,
तो खुद को ग़ुलाब समझना।
समन्दर मुसीबतों का आए,
तो खुद को लाजवाब समझना।
हर एक के वजूद में हीरे की चमक होती है,
तो खुद को खूबसूरत अहसास समझना।
तराशने की जरूरत है खुद को और बेहतर,
तो खुद को सादा सा कैनवास समझना।
आंधियां घेर लें कदमों को जो कभी,
तो खुद को जलता हुआ चराग समझना।
Dr.Madhur Gupta- Dr. Madhur Gupta
12 OCT 2023 AT 13:53