28 JAN 2022 AT 15:38

जाने क्या सोचने लगा हूं मैं
दुनियादारी से परे एक अपना घर सा
बनाने लगा हूं में, यादों के इस सफ़र में
कोई अपना नहीं, फिर भी रब के सहारे
अपनी एक नई सी जिंदगी जीने लगा हूं में— % &

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