Devang Pratap Singh   (मुसाफ़िर)
5.3k Followers · 333 Following

read more
Joined 21 May 2017


read more
Joined 21 May 2017
28 NOV AT 0:02

तेरी दुनिया,तेरी बातें,सब कुछ अब तक याद हमें
शेर सुनाये तेरे ऊपर और मिली है दाद हमें

ऊपर वाला ही हमको तो हर मौसम दिखलाता है
वो ही हमको ग़म देता है, वो ही रक्खे शाद हमें

तुझमें ही बस खोये रहना कितनी अच्छी आदत है
अक़्सर अच्छी आदत ही तो करती है बर्बाद हमें

शहर से अपने दूर हैं लेकिन शहर बसा है हम में ही
याद आता है जहाँ भी जायें चौक अमीनाबाद हमें

जाते जाते कह जायेंगे लाखों जुमले लाखों बातें
ये ही तो यादें है वरना कौन करेगा याद हमें

-


25 NOV AT 19:53

हमेशा ग़म में ही सर है हम ऐसे लोगों का
उदास रहना हुनर है हम ऐसे लोगों का

मकान ए जिस्म बदलते रहे हैं मुद्दत से
न कोई शह्र, न घर है हम ऐसे लोगों का

-


22 NOV AT 13:56


चुपके से तस्वीर पे इक तितली आकर बैठ गयी
फूलों के रंग से हमने वो तस्वीर बनायी थी

-


17 NOV AT 21:33

मैं सोया ही नहीं देरी के डर से
किसीके ख़्वाब में जाना था मुझको

-


27 OCT AT 23:14

बचपन की दुनिया में सब आसानी थीं,
कागज़ पर हम सपने लिक्खा करते थे

-


13 SEP AT 11:00

एक रस्सी है गले में और मैं हूँ सोच में,
ज़िन्दगी से भागकर मैं ख़ुदकुशी कैसे करूँ?

लोग कहते हैं कि तुमसे शेर अब होते नहीं,
दर्द से फ़ुर्सत नहीं है शायरी कैसे करूँ?

-


19 JUL AT 19:39

निकाला जा चुका हूं मैं कहानी से, मगर सोचो,
मेरे किरदार से कैसे कहानी को निकालोगे,

-


6 JUL AT 21:58


ऐसे भी तो आग लगायी थी मैंने,
जब तेरी तस्वीर बनायी थी मैंने

हाँ,वो कहानी पढ़कर मैं अब हँसता हूँ
रो-रोकर जो तुम्हें सुनायी थी मैंने,

दुश्मन की आँखों में भी हैरानी थी,
गिरकर भी तलवार चलायी थी मैंने,

कागज़ की इक नाव में बचपन पार किया,
नादानी में जान बचायी थी मैंने,

-


27 APR AT 20:06

शेर:
ख़ामोशी भी चीख जहां है,
ये तन्हाई वो कमरा है

-


13 APR AT 14:45

ज़हर कैसा घुल गया है देश की प्यारी हवा में,
हर तरफ़ से मौत की ख़बरें सुनाई दे रही हैं

-


Fetching Devang Pratap Singh Quotes