एक फूल देखा है मैंने
खिला हुआ, पवन की गति में लहराता हुआ,
एक फूल देखा है मैंने
उछलता- कूदता,अपनी मस्ती में मस्त रहता,
एक फूल देखा है मैंने
चारों ओर अपनी सुगंध फैलाता,
एक फूल देखा है मैंने
रंगो से दुनिया को रंगीन करता हुआ,
पर फूल को ही पता है
कैसा है वो अंदर से मुरझाया हुआ!
-BhAkTi SoNi
- BhAkTi SoNi
28 MAY 2021 AT 13:21