अचरज में पड़ जायअमीर का गल्ला बढ़ रहागरीब खड़ा पछताय - BaatBanarasi
अचरज में पड़ जायअमीर का गल्ला बढ़ रहागरीब खड़ा पछताय
- BaatBanarasi