Astha Srivastava   (आस्था)
3.3k Followers · 48 Following

Love to live,Love the love.

Not a writer, बस जब दिल भर आता है तो कुछ शब्द गिरा देती हूँ
Joined 19 March 2017


Love to live,Love the love.

Not a writer, बस जब दिल भर आता है तो कुछ शब्द गिरा देती हूँ
Joined 19 March 2017
Astha Srivastava YESTERDAY AT 0:47

It was raining since two days
She was standing there
Right at the center of yard
Waiting for "someone"
The one who promised to come
Her body was getting colder
And feets were numb
But she was still there
With belief and hope
It's been many days
the rain continues anyways
She starts loosing hope
But still there like a dope
That "someone" never came
Now clouds were tired, and they said
Oh poor girl! go back to your home
But she denied
And the very next day
The sun says hi 
There were seven colors in the sky
The prince came back with a red rose
Looked at her eyes and thinks oh I was so gross
He said while sitting on his knee
O my love marry me

-


Show more
17 likes · 2 comments
Astha Srivastava 19 AUG AT 22:27

वो मोहब्बत ही क्या जो मौत के साथ मर जाए

-


Show more
27 likes · 3 comments
Astha Srivastava 18 AUG AT 1:34

कोई चाह होती तुमसे तो लिख देती
कोई आह ही दी होती तुमने तो लिख देती

मोहब्बत बची होती तो लिख देती
या नफ़रत ही बची होती तो लिख देती

कुछ रहा है नहीं तुमसे वास्ता
इक अश्क़ की बूँद ही गिरी होती तो लिख देती

-


34 likes · 2 comments
Astha Srivastava 28 JUL AT 12:14

Whenever I said I LOVE YOU
It was never me but the HORMONES.

-


28 likes · 2 comments
Astha Srivastava 27 JUL AT 21:57

ख़्वाहिश है मेरी, के तुम्हे मुझसे कभी प्यार न हो
और मैं...! यूँ ही, पूरी उम्र तुम्हे चाहती रहूँ 

हालाँकि सुर कुछ खास लगते नहीं मेरे
एक पल तुम्हे याद करती हूँ
और अगले पल गुनगुना लेती हूँ
तुम मुझे कभी सुनो न सुनो
पर मैं यूँ ही, पूरी उम्र तुमको गाना चाहती हूँ

मानती हूँ प्यार थोड़ा अलग है मेरा
न कोई वादा किया मैंने
न कोई वादा चाहती हूँ
तुम बस ऐसे ही मुझे पढ़ते रहो
और मैं यूँ ही, पूरी उम्र तुमको लिखना चाहती हूँ

-


Show more
31 likes · 2 comments
Astha Srivastava 24 JUL AT 1:12

आदमी हूँ, बस ख़ता यही इक कर बैठा
हज़ारों नज़ारे छोड़, आदमी से ही इश्क़ कर बैठा

-


50 likes · 7 comments
Astha Srivastava 17 JUL AT 22:04

चाँद तो वही है
सदियों पुराना
बस जब कोई इश्क़ में हो
तो वो नया लगता है

-


This is just like that
📸 Me

82 likes · 11 comments · 2 shares
Astha Srivastava 23 JUN AT 22:59

न जाने क्यों खुशियों से कुछ दूरी बना रखी है
अपने हिस्से की हँसी उसने कहीं उधार रखी है

दरिया दरिया भटका वो जब तक चलीं साँसें
के इस उम्र की बची हुई रातें भी बुझा रखीं हैं

चाहा तो नहीं था उसने तन्हा सफ़र, फिर भी
अँधेरे रास्तों और सन्नाटों ने भीड़ बढ़ा रखी है

यूँ तो कई रंगीन शरबतों के स्वाद चखे, मगर
जाने क्यों दोस्ती उस नमकीन पानी से बना रखी है

-


69 likes · 9 comments · 3 shares
Astha Srivastava 2 JUN AT 23:43

वो पन्ने तुम्हारी यादों के जला दिए 
जिसकी आंच में सुलगता सा मन मेरा,
राख बन कर उड़ने लगीं वो सारी बातें,
वो सारी यादें, वो सारी रातें

वो प्यास मैंने मार दी
और वो बारिश बुझा दी
अपनी लिखी सारी कविताएं जला दी
उनमें लिखी कोई बात अब सच नहीं लगती

-


78 likes · 12 comments · 3 shares
Astha Srivastava 30 MAR AT 23:50

कुछ बातें हमेशा के लिए अधूरी रह जाती हैं
शायद वो पूरी न होने के लिए ही की जाती हैं

-


शायद उनका अधूरा होना ही उन्हें पूरा करता है

110 likes · 8 comments · 17 shares

Fetching Astha Srivastava Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App