Astha Srivastava   (आस्था)
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Joined 19 March 2017


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27 AUG AT 1:47

ज़िन्दगी चाहे जिस मोड़ ले जाए
हमसफ़र चाहे जिसे बनाये
कितना ही कोई दिल को भा जाए
पर जब जब जिक्र मोहब्बत का आए
नाम तेरा ही सबसे पहले याद आए

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12 JUN AT 23:56

एक हसीं शाम
लाल नीले आसमां के नीचे
जब झल्ली हवा मेरे बालों से उलझती हुई
मेरी चाय की प्याली को
मेरे होठो से पहले ही चूम रही थी
तब ये ख़याल आया 
की कैसी होती होगी वो दुनिया 
जहाँ पूरी होती होंगी मोहब्बतें

शामें भरी होती होंगी शरारतों से
होंठ सिर्फ चाय की प्याली को ही नहीं चूमते होंगे
और बालों से शरारत सिर्फ हवा ही नही करती होगी
नज़रें खेलती होंगी
उंगलिया शांत कैसे रहती होंगी
मुस्कुराहटें हवा में गूँजती होंगी
पैरों से कोई तो रिदम निकलती होगी
खूबसूरती की असल परछाई तो
वो ही शामें होती होंगी
जिस जहां में मोहब्बतें पूरी होती होंगी

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31 MAY AT 23:23

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आज़ादी का
इक ख़्याल का
चिंगारी का
हजारो ख़्वाब का
तन्हाई घर है
किसी रचना की शुरुआत का

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12 APR AT 22:26

कभी कभी हम "कैसे हो?" का जवाब "ठीक हूँ" इसलिए भी देते हैं क्योंकि हम खुद अपनी समस्याओं से इतना थके होते हैं कि बार बार उन्हें सुनना नही चाहते।

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9 APR AT 1:55

मोहब्बत नदी है समंदर हूँ मैं,
मेरी लहरों पर मिलती है
वो चंचल, गंभीर हूँ मैं,
मेरे सिरहाने पर सोती है
कहती है नादान हूँ मैं
पर फ़िर,
आकर मेरे दिल में बहती है

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21 MAR AT 2:47

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21 MAR AT 0:14

•कविता•

ठंड सी लग गयी थी उसे
गुनगुनी धूप दिखाई 
पर वो नही मानी
थोड़ी सी रूठी थी 
एक प्याली चाय बनायी
तब भी नही मानी
शायद ऊब गयी थी मुझसे
मैंने बारिश करवाई
फिर भी बाहर नहीं आयी
जिद्दी है 
मुझ पर ही गयी है ना
तो यूँ ही कैसे मान जाती 
सुर और तालों से नाता है मेरा
वो भी तो सितार की धुन पर लहराती है
भूल कैसे गयी मैं
मेरी बेटी है 
मुझ सी ही इठलाती है

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15 FEB AT 16:39

गिरने से क्या डरना
ठोकरें तेरा क्या बिगाड़ पाएंगी
तू चल मेरे दोस्त
जीना तुझे ज़िन्दगी ख़ुद सिखाएगी

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6 FEB AT 0:09

सावन इश्क़ का
शुरू होने को है
बारिशें भी होंगीं
आग भी लगेगी
कहीं पर दिए जलेंगे
तो कहीं जलेंगे दिल

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30 JAN AT 0:55

न जाने क्यों खुशियों से कुछ दूरी बना रखी है
अपने हिस्से की हँसी उसने कहीं उधार रखी है

दरिया दरिया भटका वो जब तक चलीं साँसें
के इस उम्र की बची हुई रातें भी बुझा रखीं हैं

चाहा तो नहीं था उसने तन्हा सफ़र, फिर भी
अँधेरे रास्तों और सन्नाटों ने भीड़ बढ़ा रखी है

यूँ तो कई रंगीन शरबतों के स्वाद चखे, मगर
जाने क्यों दोस्ती नमकीन पानी से बना रखी है

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