Anshuman Kuthiala   (शहर में शायर)
133 Followers · 24 Following

read more
Joined 22 May 2017


read more
Joined 22 May 2017
12 FEB AT 19:57



तुम मुस्कुराते हो तो लगता है ऐसे ,

बागों में फूल अभी खिले हों जैसे !

-


9 FEB AT 6:22



और भी मुश्किल है चुप रहना !

-


3 FEB AT 20:21


प्यार वो नैय्या है,जिसका न खेवैया है ,

इसको तो डुबोना है जग का रवैया है !

-


2 FEB AT 13:33



जितना उसे मैं पसन्द हूँ , उतनी वो मुझे प्यारी है , इतनी कहानी हमारी है !

इक दूजे को चाहने के सिवा और नहीं कुछ किया,इस चाहत में उम्र गुजारी है !

-


30 JAN AT 20:45

जो चीथड़ों में लिपट गए खादी के लिये ,
है नमन उनको आज आज़ादी के लिये !

-


11 JAN AT 22:43

वापस ले लो ये काले क़ानून ,
हमें चाहिये वही वाले क़ानून !

जिनसे हुआ शोषण-पोषण ,
तुमने काहे बदल डाले क़ानून!

इसमें संसद की बिसात क्या ,
बहुमत के बल बनाले क़ानून !

हम न मानेंगे क़ानून का राज ,
तुम करो हमारे हवाले क़ानून !

बातों से ही हल हों सब मसले ,
कोई किताबों से हटाले क़ानून !

क़ानून से नहीं बदला समाज ,
ये बात मन में बैठाले क़ानून !










-


26 NOV 2020 AT 13:40

तुझे खोना न होना तेरा पहचान है मेरी ,

लोग तेरे ही नाम से अब बुलाते हैं मुझे !

-


25 NOV 2020 AT 21:53

चन्द्रमा की तरह कलाएँ हैं तुम्हारी ,

हमें जो लगीं बुरी बलाएँ हैं तुम्हारी !

-


24 NOV 2020 AT 4:00


तुमसे जब पहली बार मिला था मैं ,

एक फूल की मानिन्द खिला था मैं !

-


2 NOV 2020 AT 22:32


तेरे बगैर है जीना कैसे कुछ मश्वरा ही दिया होता ,

तन्हाई के आलम में मैं इस क़दर न तबाह होता !

-


Fetching Anshuman Kuthiala Quotes