टूटे दिल के साथ कब जीता । कभी ना कभी नई शुरुआत करनी पड़ती। रूक कर इन्तजार भी कर सकता था। लेकिन मिलने की कोई उम्मीद तो रहती।
- ankahe-lafzmere
22 APR 2020 AT 10:27
टूटे दिल के साथ कब जीता । कभी ना कभी नई शुरुआत करनी पड़ती। रूक कर इन्तजार भी कर सकता था। लेकिन मिलने की कोई उम्मीद तो रहती।
- ankahe-lafzmere