28 APR 2020 AT 21:00

रात हमसफ़र मेरी
जो साथ होती मेरे । जज़्बात को समझती मेरे ।
चुपचाप दर्द सुनकर मेरे को सुलाने लगती।
जब दुनिया रूलाती मुझको रात भर चुप कराती मेरे को। रात हमसफ़र मेरी

- ankahe-lafzmere