AMIT ANURAGI   (अमित 'अनुरागी'✍)
3.4k Followers · 141 Following

read more
Joined 19 June 2017


read more
Joined 19 June 2017
12 AUG AT 13:14

तिरे हुश्न के इतने कायल हैं।
दिल सबके घायल-घायल हैं।

हर शख़्स के ख़्वाबों में है तू,
हर शख़्स की आँखें बादल हैं।

ईशान समझते हैं तुझको,
ये लोग भी कितने पागल हैं।

-


6 AUG AT 7:40

हर इक मसअले का है हल
'तुम्हारा कान का झुमका'

-


19 JUN AT 17:06

आकर मुकाम पर महसूस हुआ,
मुझे सफ़र में रहना चाहिये था।

-


29 MAY AT 17:12

अगर
तुम्हें लगता है
कि तुम सही हो,
तो यक़ीनन
तुम सही होगे,
सिर्फ़ अपनी
कहानी में।

-


27 MAY AT 10:33

'प्रेम'
होना चाहिये
तराजू के
ऊर्ध्वाधर
कांटे के समान
अपनी माध्य
स्थिति में,
जो रखता है
संतुलित,
तराजू के
दोनों पलड़े।

-


19 APR AT 21:29

मुझे यकीन है,
तुम आओगे और
मिलोगे तपाक से गले।
जैसे मिलते हैं,
बारिश की बूँद और धरती,
चुम्बक के दो विपरीत सिरे।
जाना तुम्हारी मर्ज़ी हो सकती है।
लौटकर आना है,
क़ुदरत का नियम।
जैसे लौटकर आतीं हैं ऋतुयें,
लौटकर आता है पेंडुलम।
ठीक वैसे ही,
लौटकर आओगे "तुम"।

-


5 APR AT 15:33

मैं हमारी मोहब्बत को
अधूरा छोड़ देना चाहता हूँ।
क्योंकि "अधूरापन" होती है वज़ह,
किसी को पाने की,
किसी से प्यार करने की।
मैं नहीं चाहता कि
हमारा इश्क़ मुक़म्मल हो,
और ये अधूरापन ख़त्म।
मैं बस चाहता हूँ
तुमसे प्यार करना,
हमेशा हमेशा के लिये।

-


27 JAN AT 11:14

तुम्हारी ज़ुल्फ़ से हो गये हैं हम।
अब संभाले नहीं सम्भलते हैं।

-


23 JAN AT 21:32

किस ग़म का मारा हूँ बताओ मुझे।
मैं बुझ रहा हूँ कोई जलाओ मुझे।

ये ऐब ही तो फ़क़त मेरे अपने हैं।
आदमी संज़ीदा ना बनाओ मुझे।

कितना सीधा जा रहा है रास्ता।
रास्ता कोई और दिखाओ मुझे।

फिर ऐतवार ना हो तुम पर।
इतना मत आज़माओ मुझे।

कितना सितम ढाया जा रहा है।
अजी कोई तो बचाओ मुझे।

-


2 JAN AT 8:56

मैं लिखूँ तुझको तू गुनगुनाया कर मुझे।
कभी-कभी ऐसे भी मनाया कर मुझे।

-


Fetching AMIT ANURAGI Quotes