Ujjwal Utsahi   (उत्साही "उज्जवल")
1.9k Followers · 36 Following

नफरतों के दौर में प्यार लिखता हूँ
हाँ साहब मैं श्रृंगार लिखता हूँ
Joined 21 May 2018


नफरतों के दौर में प्यार लिखता हूँ
हाँ साहब मैं श्रृंगार लिखता हूँ
Joined 21 May 2018
Ujjwal Utsahi YESTERDAY AT 3:31

A research on indian youth

The no of indians girls having boyfriend is more than no of indian boys have girlfriend.

What is this?

-


39 likes · 9 comments
Ujjwal Utsahi 17 AUG AT 22:04

मुझसे वफ़ा की उम्मीद ना कर
मैं इंसान हूँ मुझे खुदा ना कर

मैंने झूठ कहा है बहुत बार तुझसे
तू तो मेरे लिए बदुआ ना कर

रस्ते में हूँ या मंजिल पर पता नहीं
मुझे तू और अब गुमराह ना कर

सबकी अपनी-अपनी बातें है
तू किसी का कुछ सुना ना कर

-उत्साही "उज्जवल"




-


65 likes · 16 comments
Ujjwal Utsahi 17 AUG AT 1:28

मंज़िल, सफ़र, तलाश मेरा सब है
वो लड़की कहाँ है, वो मेरा रब है

तुम्हें कहना है कहो बदतमीज़ हमें
वैसे उसे बुरी नज़र से देखा कब है

तुम दौलत अपनी रखो पास अपने
दिल उसकी चाहतों से ही लबालब है

ख़्वाब में भी उसे छुआ नहीं मैंने
फ़िर उसके नाम से तुम्हें क्या मतलब है

उसे अपना बनाने का सोचा भी नहीं
प्यार करने वाला दिल ये चाहता कब है
-उत्साही "उज्जवल"








-


56 likes · 15 comments
Ujjwal Utsahi 13 AUG AT 23:45

ना जवाब दिया ना सवाल किया
जाते-जाते भी उसने कमाल किया
धीमे मुस्कुरा कर मेरी बात पर
उसने महफ़िल में खड़ा बवाल किया

-


86 likes · 32 comments · 1 share
Ujjwal Utsahi 10 AUG AT 2:09

प्रेम लिखता गया, प्रेम पढ़ता गया
वेग में चाहतो के, प्रेम बढ़ता गया
मैंने सोचा था रंग ये उतर जाएगा
जितना लिखा, उतना चढ़ता गया

-


83 likes · 28 comments · 1 share
Ujjwal Utsahi 4 AUG AT 9:04

सोच कर लिखना भी, कितना मुश्किल होता है
पर्वतों से निकलती है नदियाँ, शायद पत्थरों में दिल होता है

-


68 likes · 24 comments · 2 shares
Ujjwal Utsahi 31 JUL AT 1:40

फायदा मेरे भोलेपन का उठाया बहुत है
मेरे दोस्तों ने दुश्मनी निभाया बहुत है

मेरे लब्ज़ भी मियां खोखले से है
जब उठना चाहा तो गिराया बहुत है

सोचा कुछ, कहा कुछ, किया कुछ
इस कसमकस में वक़्त गवाया बहुत है

गलती होती है तो माफ़ी माँग लेता हूँ
पर कुछ गलतियों को दोहराया बहुत है

कौन यकीं करेगा अब मेरी बातों का
की मैंने दिल को कल समझाया बहुत है
-उत्साही "उज्जवल" 🙏🙏🙏

-


53 likes · 13 comments
Ujjwal Utsahi 26 JUL AT 15:37

प्रेम के अभाव में
प्रेम लिखने लगा मैं
और क्या वज़ह दूँ
अपने लिखने का ।

-


#ujjwalkumarutsahi
अब मत पूछना दोस्तों 🙏

95 likes · 21 comments
Ujjwal Utsahi 26 JUL AT 0:32

ना जाता हूँ मधुशाला में,
फ़िर भी रोज पिया करता हूँ ।
हो जाता हूँ बेसुध उसपल,
जिस पल तुझे जिया करता हूँ ।।

निस दिन नूतन सपने गढ़ता,
नित तुझको उनमें लाता हूँ ।
दो-चार घुट मैं पिता हूँ,
दो-चार तुम्हें पिलाता हूँ ।।

बिन दरश ये हाल है मेरा,
देखूँ तो जाने क्या होगा ।
दर्शन को आतुर नयन
पूछ रहे तू कैसा होगा । ।
--उत्साही "उज्जवल"




-


89 likes · 32 comments · 1 share
Ujjwal Utsahi 24 JUL AT 23:32

तेरे कितने तलबग़ार बैठे हैं
यहाँ तो बस तेरे यार बैठे हैं

तू है मधुशाला की मधु क्या
जहाँ देखों नशे के ठेकेदार बैठे हैं

इन्हें मालूम नहीं तू मेरी है
ये पगले तो निराधार बैठे हैं

ये मेरी जां तू है ही ऐसी
जमी पे तेरे लिए जमींदार बैठे हैं

-


#ujjwalkumarutsahi #poetry #yqdidi
आज कुछ आही नहीं रहा था, ।

114 likes · 34 comments · 2 shares

Fetching Ujjwal Utsahi Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App