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नवेली और अमावस्या की रात
बस क्या मेरी धड़कनो ने जैसे रुख ही बदल लिया था
अनुराग ऐसे जैसे,अनुराग नही कोई और है जो मुझे खूंखार नज़रो से देख रहा था,,अनुराग मुझे देखते देखते बेहोश हो कर गिर गया,और उस दूल्हे  की आँखों के इशारे से जैसे कार चल रही थी,मई ये सब देख के झटपटा के भागने लगी,पर कार की तेज़ी ने मुझे टकरा कर गिरा दिया,अब वो आत्मा अनुराग के अंदर आ चुकी थी,अनुराग को होश आया और उस दूल्हे की छाया जैसे विलुप्त हो गई थी,अनुराग को देखकर मैं भागी, अनुराग ने मुझे तो नही पर मेरे दुप्पटे को खिंच लिया ,और मैं फिर गिर पड़ी,.........
मैं कुछ बोल पाती की अनुराग के अंदर समाई हुई आत्मा बोलने लगी डरो नही ,मैं वही हूँ जिसका 59 वर्ष पहले उसकी नवेली के साथ वध कर दिया गया था,
और तुम मेरी प्रेयशी मेरी अर्धांग्नी थी जो अब रिया बन कर इस दुनियां में आई है....तुम्हारी आत्मा को तो उद्धार मिल गया था ,पर मेरी आत्मा आज भी भटक रही है,,,,मैंने पूछा ऐसा क्यूँ तो आत्मा ने आवाज दी ...जब वो वहशी दरिंदे तुम्हारा बलात्कार कर रहे थे,और मैं चुप चाप तुम्हे देख रहा था पर तुम्हारी इज़्ज़्ज़त और तुम्हारी ज़ान नही बचा पाया था,,उसी का श्राप है मुझे जो काली माता ने दिया था;जो लोग साथ फेरे और सात वचन लेके भी अपनी अर्धांग्नी की रक्षा नही कर पाते...उनकी आत्मा इसी तरह तड़पती रहती है...फिर मैंने पूछा अब आपको श्राप से उद्धार कैसे मिलेगा..

#yqbaba #yqdidi #yqtales #horror #ghost#raat#dulhen उसने जबाब दिया की मुझे उस काली माँ के मंदिर ले चलो ...वो भी एक बार फिर से मेरी अर्धांग्नी बन कर...मेरी धड़कने तेज़ हुई थी ये सब सुनकर लेकिन मैंने उस आत्मा की बात सुनी और मैं उसे माँ काली के मंदिर ले गई..वहां पहुंचते ही आप मंदिर में प्रवेश करना था पर बिना शादी के वो मंदिर में प्रवेश नही कर पा रहा था...फिर मैंने दुपट्टा उसके कपड़ो से बांध कर माँ का दिया मंदिर के बहार ला कर उसके साथ अग्नि को साक्षी मान कर सात फेरे लिए...फिर हमने प्रवेश किया उस मंदिर में...और उस आत्मा को जैसे उद्धार हो गया हवाएं तेज़ हो गई बदल उमड़ आये तूफ़ान आया और वो स्वर्ग को चली गई..अनुराग अपने होश में आया...बाकि सब भी अब जाग चुके थे....सारा वक़्क्या मैंने अपनी मित्र मण्डली को बताया..पर अभी भी उन्हें ये समझ नही आया की पायल का इस घटना से क्या सम्बन्ध..ये सब कुछ होते होते सुबह के 4 बज गए थे...हम सबने सोचा अब हम सब यहाँ से निकल जाएंगे और हमने 5 बजने का इंतज़ार किया...5 बजे और उस मंदिर में एक काले कपड़ो में अघोरी का प्रवेश हुआ...सारे लड़के लड़कियों ने उन्हें सारी घटना का ब्यौरा दिया..तब उन्हें उस बाबा ने बताया कि अमावस्या की रात में माँ काली भ्रमड में निकलती है उन्ही के घुघरू के आवाज काली घनघोर रात में हर एक अमावस्या को सुनाई देती है....सबके तो जैसे होश ही उड़ गए... सबने माँ काली को प्रणाम किया और ख़ुशी ख़ुशी घर वापस आ गए....अनुराग ने भी अपने बिछड़ने का सारा व्यतान्त सारे राश्ते में बता दिया.....

अँधेरी अमावस्या की रात थी
चारो तरफ अँधेरा,जो मेरे लिए डर की बात थी
मित्रो की मण्डली ने भी डराया,जिन्होंने एक बात बोली थी
हज़ारो अरसे पहले एक नवेली दुल्हन जो अपने वर के साथ चमचमाती कार से आ रही थी
कुछ मनचलों ने चारों तरफ से उन्हें घेर लिया था
चारो  तरफ जो पहरा लगा के बंदूक तान ,कर नवेली की कार रुकवाई थी
उसके जोड़े को उससे अलग करके  वर को बांध दिया गया था
सहमी ,और लाचार सी उस वक़्त हो बहुत घबराई थी
उसके चिर को उससे अलग कर के उन दरिन्दों ने एक एक कर के उसके साथ हैवानियत की थी
पति अपनी नवेली के साथ ये सब होते देख कर भी कुछ न कर सका था
दोनों को मौत के घाट उस वक़्त तलवार के साथ उत्तर दिया गया था डर मेरा और बढ़ता जा रहा था
भय के कारण  रोम रोम मेरा कांप रहा था
...इस घटना को घटित हुई तकरीबन
उनचास साल हो गए थे
दोस्तों ने एक एक कर बताया कि वो आज भी उन
मासूमो से बदला लेती है,जिन्होंने उसके साथ दरिंदगी तो नहीं की पर ,जो भी मित्रो की डोली में इस राश्ते से गुजरता है उसकी जान लेना उसका काम हो गया था
मेरी धड़कन यह सब सुन के मानो ,172 बार हो गई थी
..दोस्तों के साथ बात करते करते कुछ वक्त गुजरा ही था
की आवाज आई जैसे पायल थी
भय से तेज़ी से पलटने पर देखा वो,
हमारी कार से आवाज आ रही थी
हम सब उस कार के पास जाने की हिम्मत जुटाने लगे और धीरे धीरे पहुँचे ही थे,
की तेज़ी से दरवाजा खुला,हम सब चिल्ला के पिछे हट गये

#yqbaba #yqdidi #dulhen#ghost#dar#horror पीछे हट गए और एक साथ खड़े हो गए,कुछ समझ नही आ रहा था क्या है,फिर आज आई छन छन हम सब और डर गये और एक दूजे के पास आके सिमट गये, अब तो इतना भय था कि एक दूसरे की आहट, और साँसे भी डरा रही थी। हम सब जब कार के पास गए तो देखा कार का डोर लॉक नही था शायद इसीलिए हवा चलने से खुल गया था पर वो पायल अभी भी कुछ समझ नही आया था कि वो आवाज कहा से आई...................पार्ट2...…मेरे नेक्स्ट कोट में होगा.......जिसमे आगे क्या हुआ....उसका दृश्य है...