#diary

632 quotes

If my DIARY could sing 
it would sing "bol do na Zara Dil me jo h chipa me kisi se khungi nhii"

Because your diary knows all your secrets🙊💝 and won't tell anyone #couldsing#diary#sing#YQbaba

AN HOUR AGO

If my pen could sing,it would never stop singing the memories that are in my daily diaries......

Memories r sweetest... Forever... #yqbaba#sing#diary

YESTERDAY AT 15:48

कशमकश

कशमकश ------------------- सिगरेट के कश को फेफड़ो में भर लेता हूँ, क्योकि इस खालीपन को भरने का एक मात्र जरिया है, जिसे मेरे इस हालात में पसन्द है मुझे। बन्द अँधेरे कमरे में एक शुकून मिल रहा मुझे। अब खिड़की के छोटे छेद से आती रौशनी शरीर को भेदती हुई मालूम पड़ रही। मैं खुद से दूर भाग रहा, और जब मैं खुद से दूर भाग रहा होऊ तो वहाँ तुम्हारा ठहरना भी ठीक नही। ये क्या , अपनी उंगलियों को मेरे शरीर पर मत फेरो। नही इसका वजन मैं नही सह पा रहा। हटा लो। कुछ दूर चली जाओ.... इस कमरे से बाहर... हाँ मैंने कहा इस कमरे से बाहर... इस कमरे में तुम्हारी उपस्तिथि से उभरे प्रेम में मुझे एक गंध महसूस हो रहा, जो मेरा गला घोंट रहा है। मेरे कविताओं के पन्नो की ओर नजर मत दौड़ाओ... इस वक़्त न मैं कविता लिखना चाहता हूँ, न पढ़ना..और न सोचना, क्योकि इस हालात में मैं कविताओं का गला नही घोटना चाहता, ना पढ़ कर ना लिख कर। हाँ मैं अजीब हो गया हूँ, बहुत अजीब... मैं तुमसे ही नही, खुद की कैद से भी आजाद हो जाना चाहता हूँ। क्योकि तुम्हारी अपेक्षाओं की तरह मेरा वजूद मुझसे अपेक्षाये करने लगा है। मैं , मैं तो हूँ ही नही कही... बस एक हाड़ मांस का इंसान जो बचपन से अब तक दुनिया की अपेक्षाये पूरा कर रहा। वह प्रेम करते करते , जिम्मेवारी को भी अपने सिर पर ओढ़ ले रहा... हाँ, मैं भाग रहा- खुद से, तुमसे, इस बोझिल समाज से, और तब तक भागूँगा जब तक मैं थककर चूर चूर न हो जाऊ, जब तक सारी अपेक्षाये खुद अपना दम न घोंट ले.. और एक दिन रुई के फाहे की तरह उड़ जाऊ हवाओँ के साथ.. (डायरी- पेज 7) #yqbaba #yqdidi #diary

YESTERDAY AT 14:44

भीड़ में स्पेस की तालाश (लप्रेक)

भीड़ में स्पेस की तालाश ‪(लप्रेक‬ जनवरी की डायरी से) अब तुम्हे लेट आने पर ट्रैफिक होने का एक्सक्यूज़ नही देना पड़ेगा ,नीरव। दिल्ली के ट्रैफिक नियम बदल गये है। तुम हमेशा इंतजार करने पर ताने क्यों मारती हो, लतिका। प्यार में इन्तजार नही तो फिर प्यार कैसा... कभी इन्तजार का मजा तुम भी तो ले कर देखो। हमेशा मैं ही क्यों। ऐसे तो बड़ा फेमिनिस्ट बने फिरते हो, लड़कियो को इम्प्रेस करने के लिए। तुम न अब फेमिनिज्म वेमिनिज्म मत घुसेड़ा करो प्यार में। हमेशा पोलिटिकल क्यों हो जाती हो। मैं तो जा रहा सरकार को चिठ्ठी लिखने। वो क्यों? तुम्हे नही लगता रोड की कम भीड़ ने हमे प्यार करने के स्पेस को कम कर दिया है। याद करो गाडियो की आवाज के बिच हम कितनी आसानी से ऑटो ड्राईवर से बच के अपनी बाते कह लिया करते थे। आइटीओ के पास जब घंटो जाम होता था, और हमे और देर साथ रहने का मौका भी मिल जाता था। चलो न फिर कहि किसी भीड़ में खो जाए। कभी कभी भीड़ भी कितना स्पेस दे देती है ना प्यार करने वाले को| ह्म्म्म। #yqbaba #yqdidi #shortlovestory #diary (दोनों हाथ थामे एक दूसरे का दिल्ली की भीड़ में गुम होने निकल पड़ते है)

YESTERDAY AT 0:21

If my diary could sing,
It would sing my memories....

#sing#music#song#yqbaba#yqdidi#diary#love#new#memories

21 JUN AT 23:55