Upload Video

#indusarkar

quotes

YourQuote
YourQuote
"ये जो आर्य थे ना ये बाहर से आए थे इंडिया में" मार्क्स पांडे कैमरा से 13 डिग्री नज़र करके शून्य में देखते हुए बोले। 
"बात तो सही है आपकी" चे सिंह ने होंठों को वक्र करके मुस्कुराते हुए कहा। 
मार्क्स पांडे- "और ये जो मंदिर भंडारकर है ना..." 
चे सिंह ने टोका-" मंदिर नहीं, मधुर...! 
मार्क्स पांडे हत्थे से उखड़ गए-" आप कुछ जानते ही नहीं हैं। पकड़िये ये धर्म, अफ़ीम मुझे दीजिये।" 
चे सिंह ने अफ़ीम सरका दिया। 

(in caption)

मार्क्स पांडे-" मंदिर असल में आर्य ही तो है, यहाँ इंडिया वालों को बेवकूफ़ बनाने के लिये अपना नाम मधुर कर लिया है उसने।" चे सिंह की आँखें चमक उठीं - "ओहो! इसमें तो कोई हक़ नहीं " मार्क्स पांडे के चेहरे पर मुस्कान तैर गई - अफ़ीम अच्छी क्वालिटी का मिल गया आज। देखिए कैसे आपने शक को हक़ कहा। स बोलने की परेशानी के कारण ही तो सिंधु हिंदू हो गया" चे सिंह उत्साहित हो कर बोले-"आप कुछ मंदिर भंडारकर के बारे में बता रहे थे" फिर अफ़ीम के लिये हाथ फैला दिया। मार्क्स पांडे ने अफ़ीम सरकाया और वापस धर्म ले लिया -" अभी अभी एक नई थ्योरी आ रही है। असल में आर्य जाति ह नहीं बोल पाती थी। इसका साफ़ प्रमाण है मंदिर भंडारकर की ये नई फिल्म 'इंदू सरकार'। वो आर्य है और असल में उसकी फिल्म का नाम है 'हिंदू सरकार'। और नाम से ही साबित होता है कि यह फिल्म आइडिया अॉफ इंडिया के ख़िलाफ़ है। चे सिंह- यह तो तानाशाही है। हम इस फिल्म का विरोध करते हैं। फेसबुक क्रांति करेंगे हम।" मार्क्स पांडे ने चे सिंह से अफ़ीम छीनते हुए कहा-" लोल सलाम" #InduSarkar #Politics #Communism #Hypocrisy #Yqbaba #Yqdidi #Hindi