#शायर

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तू ग़ज़ल है मेरी सोचता हूँ किसी रंग-रूप में ढाल दूँ
मैं तो शायर हूँ कोई गुमनाम सा तुझे किसी शायरी में उतार दूँ

अब ये आवारगी आयी है तो जरूर इसमें भी किसी की साज़िश ही होगी
हसरत-ए-दिल तो थी कि तुझे बेइंतहा प्यार दूँ

इत्तला तो मुझे भी है कि मेरे अल्फ़ाज़ चुभते हैं तुझे
मेरा इरादा तो बस इतना था कि तुझे खुशियाँ हज़ार दूं

ग़ज़ल शायरी शायर सब मेरे जीन ही तो हैं
अब तू ही बता मैं कैसे खुद को जान से मार लूँ

तू ग़ज़ल है मेरी सोचता हूँ किसी रंग-रूप में ढाल दूँ मैं तो शायर हूँ कोई गुमनाम सा तुझे किसी शायरी में उतार दूँ अब ये आवारगी आयी है तो जरूर इसमें भी किसी की साज़िश ही होगी हसरत-ए-दिल तो थी कि तुझे बेइंतहा प्यार दूँ इत्तला तो मुझे भी है कि मेरे अल्फ़ाज़ चुभते हैं तुझे मेरा इरादा तो बस इतना था कि तुझे खुशियाँ हज़ार दूं ग़ज़ल शायरी शायर सब मेरे जीन ही तो हैं अब तू ही बता मैं कैसे खुद को जान से मार लूँ #YQbaba#YQbhaijan#YQdidi#shayri#ग़ज़ल#शायरी#शायर

YESTERDAY AT 0:11

अरसा हुआ दील टूटे हुऐ।
हम भी कभी बेचैन शायर हुआ करते थे।

#बेचैन#शायर

20 JUN AT 23:27