#पहलीबारिश

60 quotes

सूखे के बाद दे रही थी पहली बारिश जीवनदान उसको
जिस किसान ने सूखे मे मृत्यु अनुभव की थी

#पहलीबारिश#YQbaba#YQdidi

14 JUL AT 10:28

        वो पहली बारिश
  

       (Full poem in caption)

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मा याद है वो पहली बारिश जब हुआ था मै पैदा शायद रोया था खुदा जब हुआ था मै उस से जुदा कर रही थी बिजलियाँ गड़गड़ाट ऐसै हो रही हों मगंल ध्वनियाँ जैसे थे खुश एवं प्रसन्न सभी कि आए उनके घर रितुरानी और गिरिधर क्यूँ मा याद है ना वो पहली बारिश मगर सच तो कुछ और ही था षडयंत्र तुम्हें मुझसे छीनने का उस विधाता ने था रचाया तुम्हे ललचाने को इंद्रदेव ने स्वर्णमृग वर्षाबाण था चलाया पता था उन्हें कि तुम और वर्षा हो सखी अप्सरायें भी जलन से थी कोसती इतनी पक्की थी दोनों की दोस्ती इसलिय विधाता ने बारिश को था अपने जाल मे फसाया दे धोखा, वर्षा को मनाया मा याद है ना वो हमारी पहली बारिश मा तुझे लगा कि आई है वो तुझसे मिलन ना की कोई फिक्र ना थी कोई शिकन छत पे नाची पूरी रात दोनों सखी हौ मस्त मगन बारिश ने फिर ऐसा चिर ढुलाया कि मुझ नवजात तक को मा तुमने था भूलाया तभी उसने अपना पाश चलाया तेज वेग ज्वर का तुझे लगाया थी जो तुम्हे जान से प्यारी वही बन बैठी तेरी हत्यारी विलंब ना किया फिर वर्षा ने भी ले गयी तुझे बैठा बादल पर मा तनिक भी ना सोचा क्या बीतेगी मुझ शिशु पर क्या होगा मेरा तेरे बाद क्या करूँगा जब आओगी तुम याद क्षण में चली गयी अपनी सखी साथ मा तुझे पता है कैसे बीती मेरी हर रात मा मुझे नहीं पता कि कौन थी कैसी दिखती थी तुम सुना था बस इतना कि पहली बारिश जैसी थी तुम जिसने सभी को खुशियाँ दी सब पर प्यार की वर्षा की मा नहीं है मेरे पास कोई यादें ना ही कोई बातें पता है तो इतना कि मेरे लिए वो पहली बारिश तुम हो इसलिय जब भी बरसतें है बादल तो लगता है जैसे तुम प्यार बरसा रही हो करूँ जब शैतानी बिजली चमकाकर मुझे डरा रही हो मा ये पहली बारिश ही है तेरा वजूद जब जब बरसेगी बारिश तब तब मेरे जहन में यूँही रहोगी तुम मौजूद मा याद है ना वो पहली बारिश क्यूँकि मेरे लिए तुम वो पहली बारिश हो .#YQbaba.#YQdidi.#Yopowrimo.#challenge.#challengedone.#वोबारिश.#पहलीबारिश.#मा.#नवजात.#वार्तालाप.#मा.#जन्मसमय.#मृत्यु सभी पाठकगणों से विनती है कि अगर मुझसे कोई त्रुटी हो गयी हो तो अपना अनुज समझ के मुझे क्षमा कर दे क्योंकि किसी भी व्यक्ति के जीवन में ऐसे कुछ दुखद क्षण घटित होते हैं कि जिन पर हमारा कोई वश नहीं होता है | ऐसे क्षणों को हम कलम से शब्दों का रूप नहीं दे सकते हैं | यह घटना भी ऐसा ही एक क्षण है जिसको शायद मै कभी कागज पर ऊकेर पाता | इसलिए अगर आपको पंसद ना आए तो मुझे क्षमा करें |

4 JUL AT 23:26


तुम भी कभी यूँ
पहली बारिश की तरह
महका दिया करो
रूह को मेरी....

#YQDidi#पहलीबारिश

4 JUL AT 17:59

वो पहली बारिश थी
    या
कुदरत की कोई साजिश थी...

#YQDidi#पहलीबारिश

4 JUL AT 17:20

वर्षा ये वर्षा वर्षा
पहली ये अल्हड़ वर्षा
ज्यों ज्यों बढ़ता वर्षा का वेग
त्यों त्यों होता भावों में अतिरेक
संग चली ये मंद समीर
मन को करने लगी अधीर
उस पर दामिनी की चमक
यूँ तन मन में उठे सिहरन
घोर घोर बादलों का गर्जन
बह रहा मदमस्त सावन
पंख लगाकर करूँ मैं विचरण
तेरे ख्यालों के अंबर में
भीग जाए ये मन 
तेरे नेह की वर्षा में
वर्षा ये वर्षा वर्षा
पहली ये अल्हड़ वर्षा...

#YQDidi#पहलीबारिश#वर्षा#प्यार#मन#YoPoWriMo

4 JUL AT 17:00