#नफ़रत

47 quotes

मोतियों की माला है तू, जिन्हें पिरोया मैंने प्यार के धागों में।
पर बिखेर दिया तूने मेरी ही माला को, फैला दिए यह मोती नफ़रत की ही आग में॥

#मोती #माला #प्यार #नफ़रत #YQbaba #YQdidi #350 Finally done with another milestone of 350.. I want to thank every1 here specially people who are near to me Akshit Kapur Vidhi Jain Ranjeeta Ashesh Prabhat Nb Shifali Goyal Gurpreet Kaur manali ghosh Lovelyn Shah Deeksha Ravindra Adiga Ronak Jhunjhunwala Arun Prakash Singh Anshu Priya Jai Kumaar And many more others, as list is much long... Thanku so much everyine for always supporting me... Cheers on 350 🍻

22 JUL AT 14:11

मत पूछ हाल मैं कैसा हूँ
बिल्कुल इंसान के जैसा हूँ
तेरे इश्क़ में हुआ 'अलग'
मैं तुझे खोजने निकला हूँ
💃
(कविता)

👇 IN CAPTION👇

क्या हाल बताऊँ कैसा हूँ, गुमसुम भँवरे के जैसा हूँ । बगिया की हँसती शामों में, मैं तुझे खोजने निकला हूँ ।। तेरे सुर्ख़-गुलाबी होंठों से, काली-बदरारी जुल्फों से । खुशबू मतवाली महकी थी, बस उसे सूँघने निकला हूँ ।। मैं गगन की अर्श निगाहों में, रौशन तारों की पनाहों में । काली-अँधियारी रातों में, माहताब खोजने निकला हूँ ।। तेरे इश्क़ में ऐसा हाल हुआ, मैं रो-रो कर बदहाल हुआ । बहती नदिया की ओर चला, मैं प्यास खोजने निकला हूँ ।। तेरे इश्क़ में डूबे रहने के, जो मेरे अरमान अधूरे थे । उन आधे-अधूरे अरमान को, मैं पूरा करने निकला हूँ ।। मेरी रूह तलक जो फैला है, यादों का प्यारा मेला है । तुझको अपना संगीत बना, मैं साज बजाने निकला हूँ ।। सोचा था तुझको भूल जाऊँ, ना बार-बार मैं याद करूँ । उम्मीद बनाकर इतनी फिर, मैं तुझे सोचने निकला हूँ ।। दिल को भी कितना समझाया, धड़कन को धड़कना ना आया । मद्धम-मद्धम साँसों में तेरा, आभाष खोजने निकला हूँ ।। मेरी किस्मत में तो कुछ ना था, जो कुछ भी था वो तुझसा था । यूँ चला हूँ रब के दर पर अब, मैं हक़ को जताने निकला हूँ ।। दिल में सब कुछ जल सा गया, था थोड़ा-थोड़ा बच सा गया । उसे रौशन करने की ख़ातिर, मैं दीप जलाने निकला हूँ ।। ना इश्क़ से कोई नफ़रत थी, सब कुछ पाने की हसरत थी । दुनियाँ में लुटते आशिकों को, मैं प्यार सौंपने निकला हूँ ।। डरता था हँसी में फँसने से, पर खुश था तेरे हँसने से । तेरी खुशी की ख़ातिर देख ज़रा, मैं खुद को हँसाने निकला हूँ ।। तूने खुद को ऐसे दूर किया, मुझे बेतहाशा मजबूर किया । यादों के जनाजे पर बैठा, खुद को दफनाने निकला हूँ ।। मैं हार गया ख़त लिखते हुए, पा न सका कुछ दिखते हुए । जिस ख़त को तेरे नाम किया, बस उसे जलाने निकला हूँ ।। पल भर में तेरा मुस्कुराना, पल भर में गुमसुम हो जाना । तेरी शोख़ हसीन अदाओं की, मैं नज़्म बनाने निकला हूँ ।। ख़ालीपन को जो पाला था, कागज में उसको डाला था । कागज के ख़ालीपन को मैं, अल्फ़ाज सौंपने निकला हूँ ।। मत पूछ हाल मैं कैसा हूँ, बिल्कुल इंसान के जैसा हूँ । तेरे इश्क़ ने किया 'अलग', मैं तुझे खोजने निकला हूँ ।। © मिस्टर अलग (अभिषेक मिश्रा 'अलग') 🇮🇳 Visit at http:\\www.misteralag.com 👉 मेरी किताब 'ख़ालीपन' में प्रकाशित (2015) ¶ Dedicated to my favourite honourable writer friends Neha Mishra Sakshi Jaitly Poonam Pal prianca mali Parikshit Kaushal Trikha Sharma Priyanka Singh Heena Vadher Heena Kewlani Khushboo Gupta Naina Arora Neha Sharma Ankita Tripathi Ranjeeta Ashesh Anil Ameta Pinky Sanghvi Anjula Bhadauria Arushi Saxena Neha Sharma Rohit Sharma Anshii Rai Madhur Garg Nikki Rajpurohit Khushboo Malviya Mishthi Rawat Priyanka Om Soniya Bahukhandi Aastha Jn कात्यायनी गौड़ Varsha M Vidhu Choudhary RITIKAKHMS4 Ritika Neetu Dutta Abhishek Kamboj Prakhar Rathi Baby Chauhan Asha Tiwari Priyanka Muthreja Raju Ranjan Chandrima Mishra अदीब दमोही Nikki Mahar Poem Thought Himadri Verma Ashok Arora Prasoon Vyas Shubhi Khare GARIMA TIWARI शिखा श्रीवास्तव Shikha Mishra Amita Pandeya Shruti Choudhary Ee-kgf Bescom Ankita Shahi Parul Tripathi Pompi Das पीयूष मिश्रा Ashish Awasthi Abheepsa Mishra Ritu Joham Tiyasha Mohanta अनुभव बाजपेयी चश्म Ruchi anu Sarika Saxena Raschhpal Singh Toor Sara Jothi जी 👥 #yqbaba #yqdidi #yqhindi #yopowrimo #BTtalks #गुमसुम #भँवरा #गगन #माहताब #इश्क़ #नदिया #प्यास #अरमान #संगीत #आभाष #किस्मत #जनाजा #नज़्म #अल्फ़ाज़ #ख़ालीपन #हसरत #नफ़रत #धड़कन #मिस्टरअलग #misteralag

20 JUL AT 23:38

"मैं तुझसे नफ़रत करता हूँ।"
अच्छे से चेक कर "ईर्ष्या" कहते हैं उसे।

#YQbaba#YQdidi#नफ़रत#ईर्ष्या

16 JUL AT 14:33

यहाँ मंज़र ही कुछ ऐसा हैं
आँखों मे सबकी है पानी
डरे खामोश से बैठे है
अपनी जान बचाने में

मासूम बन रहे है शिकार
मज़हब की आड़ में
बर्बरता भी फैली हैं
आज इस जहान में

इंसानियत तो जैसे बची नहीं
रूह को भी बेच खाया हैं
धर्म की आड़ में
आतंकवाद फैलाया है

निर्मम, निर्दयी, कठोर,पत्तर दिलों ने
इंसान होकर इंसान का ही खून बहाया हैं

अरे भूल गई, कैसे कह दूँ उन जानवरों को इंसान
जिन्होंने अपने आतंक का खौफ हर घर में फैलाया हैं

आज भी इंतज़ार हैं, उस एक दिन का
जब दुनियां से मिट जाएंगे सारे बैर
लोगों में नफरत नहीं दिलों में प्यार होगा
न ही उनकी नफरतों का वो बाज़ार होगा
शांति ही फैली होगी चारों तरफ
और खुशियों का भंडार होगा
ना जाने कब वो दिन आएगा
जब इंसान जानवर नहीं इंसान ही कहलायेगा।

-Naina Arora

यहाँ मंज़र ही कुछ ऐसा हैं आँखों मे सबकी है पानी डरे खामोश से बैठे है अपनी जान बचाने में मासूम बन रहे है शिकार मज़हब की आड़ में बर्बरता भी फैली हैं आज इस जहान में इंसानियत तो जैसे बची नहीं रूह को भी बेच खाया हैं धर्म की आड़ में आतंकवाद फैलाया है निर्मम, निर्दयी, कठोर,पत्तर दिलों ने इंसान होकर इंसान का ही खून बहाया हैं अरे भूल गई, कैसे कह दूँ उन जानवरों को इंसान जिन्होंने अपने आतंक का खौफ हर घर में फैलाया हैं आज भी इंतज़ार हैं, उस एक दिन का जब दुनियां से मिट जाएंगे सारे बैर लोगों में नफरत नहीं दिलों में प्यार होगा न ही उनकी नफरतों का वो बाज़ार होगा शांति ही फैली होगी चारों तरफ और खुशियों का भंडार होगा ना जाने कब वो दिन आएगा जब इंसान जानवर नहीं इंसान ही कहलायेगा। -Naina Arora Nominated by मिस्टर अलग Mr. Mishra here I go.. hope it did the justice but I will write something different too on "इंतज़ार" #इंतज़ार #आतंकवाद #उम्मीद #इंसान #जानवर #खौफ़ #नफ़रत #धर्म #मज़हब #बाज़ार #YQbaba #YQdidi #YQtales #Yopowrimo #tpmd

14 JUL AT 19:07