#दिल्ली

27 quotes

न कोई टेलीफोन न कोई तार।
शुरु हो गई बारिश मूसलाधार।

#YQbaba#YQdidi#दिल्ली की बारिश

YESTERDAY AT 13:31

*Delhi इश्क*

in caption 👇

रोज़ सवेरे पांच बजे उठकर हम दोनों के लिए टिफ़िन बनाया करती हूँ, फिर जल्दी से किचन साफ़ कर नहाने जाया करती हूँ मोबाइल की स्क्रीन में चेहरे को देख लिया करती हूँ, भूल गई हूँ अगर तुम्हारी गिफ्ट की हुई बिन्दी लगाना, तो चुपके से लगा किया करती हूँ तुमसे मिलने के लिए कहीं लेट न हो जाऊँ मैं, इसलिए बिना नाश्ता किए ही निकल जाया करती हूँ, और फिर "कश्मीरी गेट" मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो का इंतज़ार किया करती हूँ तुम्हे देखने की उत्सुकता में हर रोज़ भीड़ से लड़ती हूँ, जो पहली मेट्रो आती है उसमें जल्दी से चढ़ जाया करती हूँ मालूम होता हेैे की तुम लेट ही आओगे फिर भी 'राजीव चौक' पर इंतज़ार किया करती हूँ, और फिर तुम्हारे आने पर रुठने का बहाना करके तुम्हारे मनाने के अदांज़ को जिया करती हूँ फिर तुम्हारा हाथ थामकर कनॉट प्लेस से गुज़रा करती हूँ, और पूरी दिल्ली के सामने तुम्हें क़ुबूल किया करती हूँ छठे माले पर होता है ऑफिस हमारा फिर भी लिफ्ट से नहीं जाती हूँ, सीढ़ियाँ चढ़कर तुम्हारे संग दस मिनट सुकून के बिताया करती हूँ ऑफिस में सामने बैठ कर काम बिगाड़ते हो हर वक़्त मेरा, ऐसे देखते हो मुझे जैसे पहले कभी न देखा हो ये चेहरा परेशान होकर तुम्हारी नज़रो से पलट कर बैठ जाया करती हूँ और सोच कर, की तुम अभी भी देख रहे होगे मुझे अदंर ही अदंर शरमाया करती हूँ मेरा काम हो जाने पर भी कम्प्यूटर के सामने बेठा करती हूँ, और तुम्हारे आने पर ही लंच बॉक्स खोला करती हूँ जानती हूँ बहुत अच्छे से तुम्हें और तुम्हारी फरमाइशों को इसलिए रोटी का पहला निवाला तुम्हें अपने हाथ से खिलाया करती हूँ शाम को छुट्टी के बाद साथ तुम्हारे बरिस्ता की कॉफ़ी पिया करती हूँ, और पुरे दिन की थकावट को तुम्हें देख, मिटाया करती हूँ आखिरी मेट्रो पकड़ कर घर पंहुचा करती हूँ, और घर लेट आने पर ऑफिस के काम का बहाना दे दिया करती हूँ बेडरूम में पहुंचकर तुम्हारे कॉल का इंतज़ार किया करती हूँ, "पहुँच गया हूँ सही से घर" बस इन्ही शब्दो को सुनने, बेसब्री से इंतज़ार किया करती हूँ तुमसे बात करते करते रात के एक बजा दिया करती हूँ, और फिर अचानक से तुम्हारे खयालो में खो कर सो जाया करती हूँ #love #दिल्ली #YQbaba #YoPoWriMo #YQdidi

11 JUN AT 11:50