#चेहरा

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फिजाओं में रंग भरता है तुम्हारा चेहरा 
मुझे बेचैन करता है तुम्हारा चेहरा 

उसी एहसास का नशा लिये फ़िर रही हूँ अकेली 
मुझे देख खिल उठता है तुम्हारा चेहरा 

मुझे ये चांदनी रातें बहुत खुशनुमा लगती है 
जब मेरी आँखो में उभरता है तुम्हारा चेहरा 

कोई चेहरा मेरी आँखों को नशा नहीं दे सकता 
मुझे मदहोश करता है एक तुम्हारा चेहरा 

मेरे दिल में बस यूं ही रहना तुम ज़िंदगी भर 
बसेरा वहाँ करने से शायद डरता है तुम्हारा चेहरा 

मुझसे यूं ही तुम दोस्ती अपनी बनाये रखना 
तुम्हारी दोस्ती से ही निखरता है हमारा चेहरा

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7 HOURS AGO

चेहरा तेरा गुलाबी, आंखें तेरी शराबी
तुझ पर फिदा हुआ मैं, लगता है सब किताबी
अपना तुझे बना लूँ, ख़्वाबों में यूँ सजा लूँ
मस्जिद में माँगता हूँ, बनकर तुझे नमाज़ी
महबूब दिख रहा है, मुझको तेरी सूरत में
मैं चाँद तोड़ लाऊँ, हो जाये गर तू राजी
कोहिनूर मैं ना चाहूँ, कोई फूल मैं ना चाहूँ
आवाज दे रहा हूँ, सुन तो जरा ओ हाजी
मेरे हाँथ में जो तेरे, हाँथों का हो सहारा
फिर जिंदगी को अपनी, कर दूँ जरा जहाजी
आँखों से तेरी चुन लूँ, मैं ग़म के हर वो साए
किस्मत यूँ तेरी दमके, खुशियाँ मिलें जवाबी
एक बार पास आओ, तुझको खुदा बना लूँ
यूँ दूर-दूर रहकर, मुझको ना दो सज़ा जी
खोजा बहुत है मैंने, तुझ-सा हसीन चेहरा
मिलती नहीं किसी में, तुझ-सी शरम-हया जी
मैं हारकर हूँ लौटा, दुनियाँ समझ-परख कर
आख़िर में मान बैठा, तुझमें है कुछ शबाबी
मैं हूँ तेरा दीवाना, सच्चा है ये फ़साना
समझो जरा 'अलग' को, कैसे करूँ बयाँ जी

चेहरा तेरा गुलाबी, आंखें तेरी शराबी । तुझ पर फिदा हुआ मैं, लगता है सब किताबी ।। अपना तुझे बना लूँ, ख़्वाबों में यूँ सजा लूँ । मस्जिद में माँगता हूँ, बनकर तुझे नमाज़ी ।। महबूब दिख रहा है, मुझको तेरी सूरत में । मैं चाँद तोड़ लाऊँ, हो जाये गर तू राजी ।। कोहिनूर मैं ना चाहूँ, कोई फूल मैं ना चाहूँ । आवाज दे रहा हूँ, सुन तो जरा ओ हाजी ।। मेरे हाँथ में जो तेरे, हाँथों का हो सहारा । फिर जिंदगी को अपनी, कर दूँ जरा जहाजी ।। आँखों से तेरी चुन लूँ, मैं ग़म के हर वो साए । किस्मत यूँ तेरी दमके, खुशियाँ मिलें जवाबी ।। एक बार पास आओ, तुझको खुदा बना लूँ । यूँ दूर-दूर रहकर, मुझको ना दो सज़ा जी ।। खोजा बहुत है मैंने, तुझ-सा हसीन चेहरा । मिलती नहीं किसी में, तुझ-सी शरम-हया जी ।। मैं हारकर हूँ लौटा, दुनियाँ समझ-परख कर । आख़िर में मान बैठा, तुझमें है कुछ शबाबी ।। मैं हूँ तेरा दीवाना, सच्चा है ये फ़साना । समझो जरा 'अलग' को, कैसे करूँ बयाँ जी ।। © मिस्टर अलग (अभिषेक मिश्रा 'अलग) 😊 Visit at http:\\www.misteralag.com #yqbaba #yqdidi #कविता #चेहरा #गुलाबी #आंखें #शराबी #फिदा #किताबी #ख़्वाबों #मस्जिद #नमाज़ी #महबूब #सूरत #चाँद #राजी #कोहिनूर #फूल #हाजी #हाँथ #सहारा #जिंदगी #जहाजी #ग़म #साए #किस्मत #खुशियाँ #जवाबी #खुदा #सज़ा #खोजा #हसीन #शरम #हया #हारकर #दुनियाँ #समझ #परख #आखिर #शबाबी #दीवाना #फ़साना #बयाँ #मिस्टरअलग #misteralag

24 JUN AT 23:43