#खंज़र

11 quotes

तेरा तबस्सुम मेरी तबाही का मंजर बना
ये इश्क इश्क न रहा,मौत का खंज़र बना।

#खंज़र#मंजर#इश्क़

13 SEP AT 10:11

आईने में कल अपनी पीठ से निगाहें जा मिलीं
अनगिनत खंज़र और थोड़ी सी शाबाशी मिली

आईने में कल अपनी पीठ से निगाहें जा मिलीं । अनगिनत खंज़र और थोड़ी सी शाबाशी मिली ।। © मिस्टर अलग (अभिषेक मिश्रा 'अलग') 🇮🇳 Visit at http:\\www.misteralag.com #yqbaba #yqdidi #yqhindi #yqyopowrimo #yqBTtalks #आईना #पीठ #निगाहें #अनगिनत #खंज़र #शाबाशी #मिस्टरअलग #misteralag

18 JUL AT 14:29

शुक्र है क़ि गैर....सीने में उतारते हैं खंज़र,
अपनें तो अक्सर पीठ पर हीं वार करते हैं।
'रश्मि'

शुक्र है क़ि गैर....सीने में उतारते हैं खंज़र, अपनें तो अक्सर पीठ पर हीं वार करते हैं। 'रश्मि' #शुक्र#गैर#सीना#खंज़र#अपना#पीठ#वार#YQdidi#YQbaba

14 JUL AT 13:35

हक़ीम को  पता है के  मैं बीमार हूं
पर  उसका  नहीं तेरा  तलबगार हूं

तू भी मत बताना ये राज़ अब कभी
किसी से नहीं कहा  के गुनाहगार हूं

कोई पूछता  नहीं अब ख्वाइशें मेरी
के तू ही पूछ ले कुछ,  मैं बेकरार हूं 

मुझसे दूर ही  रहना ए खंज़र वालो 
टूटती ही सही , अभी भी तलवार हूं

जिंदगी इतरा, तुझे जितना  शौक है
के हर फ़न में साथ देने को तय्यार हूं

तू है बने, संवरे, ख़ूबसूरत से घर जैसा
मैं बिखरा, उजड़ा, लुटा सा बाज़ार हूं

आओ सब मिल कर मेरा क़त्ल कर दो
जान जो गये हो के लिखता अख़बार हूं

एक और कोशिश, इसमें शेर आपस में जुड़े नहीं है हर शेर अपने आप में पूरा है तो हमेशा की तरह आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार है और आपको सबसे ज़्यादा कौन सा शेर पसंद आया कृपया ये भी बताएं 😊😊🙏🙏 #ग़ज़ल #हक़ीम #शायरी #खंज़र #शेर #उर्दू #तलबगार #गुनाहगार #YQBaba #YQdidi #YQBhaiJan #YoPoWriMo #ghazal #sher #poetry #2liners

7 JUL AT 1:14

आ चल चाक-ए-ज़िगर को देखते हैं
इक निगाह उस  खंज़र को देखते हैं

महफ़िल है बस  इक शख़्स के नाम
दिखा जो वो तो जी भर के देखते हैं

शहर का शहर  ज़ख्मी नज़र आता है
आ हम भी वो क़ातिल नज़र देखते हैं

खिज़ा को छुआ तो बहार गाने लगी है
ऐसा है तो हम भी उसे छूकर देखते हैं

ज़लज़ला थम गया आने की ख़बर से
क्या कमाल है, उसका कहर देखते हैं

दिल भी ठहर के बोला थोड़ा सब्र कर
सामने से  वो लख्त-ए-ज़िगर देखते हैं

के ज़माना कायल है मेरी फनकारी का
आ तुझ पे  भी अपना असर देखते हैं।।

पेश है एक और कोशिश आपकी ख़िदमत में कोशिश की है हर शेर को अपने मे पूरा करने की।। कितनी सफल हुई ये आपकी प्रतिक्रिया बताए गी 🙏🙏😊 चाक-ए-जिगर - दिल का घाव(cut) खिज़ा- पतझड़ लख्त-ए-ज़िगर - दिल का टुकड़ा #ग़ज़ल #शेर #उर्दू #नज़र #खिज़ा #ज़लज़ला #खंज़र #फनकारी #YQBaba #YQdidi #YQBhaiJan #urdu #YoPoWriMo #sher #poetry #ghazal

3 JUL AT 22:08