11 JUN 2021 AT 9:09

शाख़ से पत्तों को ज़मीन पर गिराया जा सकता हैं
महफ़िल लगे तो तेरे बेवफ़ाइयों के क़िस्से सुनाया जा सकता है
ज़ाम से ज़ाम छलका के अब मैंने जाना
शराब पीकर तुझे भुलाया भी जा सकता है

- ✍️ Sohail Raza