Sheetal Singh   (Sheetal Singh)
14.3k Followers · 68.8k Following

Neither WRONG nor RIGHT BUT I'M BEYOND all the CONCEPTS~Cru
Joined 24 March 2018


Neither WRONG nor RIGHT BUT I'M BEYOND all the CONCEPTS~Cru
Joined 24 March 2018
23 AUG AT 14:02

सुर भी होगा आँगन में लय की ताल भी होंगी, बाहर अभी गम हैं तो क्या कल फ़िज़ा में फिर मुस्कुराहट के गीत होगें,

-


22 AUG AT 0:35

अज़ीब सा मौसम हो चला हैं इस फ़िज़ा में अब,
तुम्हारी बेसुधी इन शुष्क हवाओं कि तरह चुभती हैं मुझें

-


18 JUL AT 21:30

दुनिया में मैं दर्शन और दृश्य दोनो हि तो हूँ ,
जो तुमसे पार भी और अपार भी,

-


17 JUL AT 23:58

क्या जो मैं देख पा रही हूँ,
वो तुम देख पा रहें हो?
वो निरंतर सबको निगल रहा हैं,
देखों उसकी
भयावह हँसी को कितनी क्रुर हैं,

-


16 JUL AT 16:18

If I'M a WRITER then a REBEL too,

-


16 JUL AT 11:44

बग़ैर इजाज़त ग़र तुम दायरा पार किये ना,तो पूरे शहर को ख़बर होने तक तिल-तिल कर उधेड़ दिए जाओगे,

-


15 JUL AT 12:35

बढ़ी किताबों में मशग़ूल हों तुम, पता चला हैं कलम तुम्हारी जुबां कि धार से भी ज्यादा चोट करती हैं,

-


15 JUL AT 12:19

मोहतरमा हाथों में तमंचा हैं तभी ताकत हैं जिस
दिन जमीं पर ये गिरी उस दिन हमारा वजूद ख़त्म,

-


13 JUL AT 20:26

हाथ में आप हथियार लिए और आँखों में उफ्फ ये क़ातिल मोहब्बत हुजूर इरादा ऐलान-ए-जंग हैं या फिर बग़ावत-ए-इश्क़ ?

-


13 JUL AT 12:36

शहर में तेरे यूँ अचानक आनें कि खुशी सबको है,
मगर हमें नजरों में ख़बर इब्तिदा-ए-क़यामत मिली हैं,

-


Fetching Sheetal Singh Quotes