riya singh   (Soul👼)
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riya singh 29 JUL AT 21:37

I have many faces ,but believe me noone is of devil.

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riya singh 25 JUL AT 13:02

कुछ यादें समेटे उन रास्तों के
फिर उन्हीं गलियों में गुजरी थी
वो चहल-पहल वो सरगर्मी
जैसे उन बच्चों की किलकारियां
सब बंद पड़े थे उन डब्बो में
सन्नाटे में थी गलियां !!
एकटकी नजरे जब उन खिड़कियों से पडती थी
बंद पड़ी दीवारों में फिर वही सरगर्मी झलकती थी प्लास्टिक के रिमोटो से बल्ला तो चलता था
पर सुनसानी गलियों को यही तो ज्यादा अखरता था !!

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riya singh 16 FEB AT 6:59

कुछ सियासतें, कुछ है कमी
बोलना कहां रह गई नमी
क्यों रुक है नहीं रही,
खूनी ये सरजमी !1!
इतनी तकनीकें हैं जो पड़ी,
फिर क्यु विधवाऐ हो रही
कहीं मां बाप की लाचारी
कहीं क्यों बहने रो रही !2!
क्या कांपते होंगे नहीं
उन साथियों के हाथ कभी
ढूंढते होंगे जब
चिथडो़ में से अंग सभी !3!
हां तो रुकना,
लेते हैं हम मौन व्रत
क्या पता यह 2 मिनट
शांत कर दे उनके दर्द !4!

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riya singh 3 JAN AT 23:15


The thing in your hand is strongest painkiller with worst side effect.

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riya singh 24 DEC 2018 AT 9:28

एक सवाल-

यह जो अपनों का खून बहाते हो
इतनी हैवानियत कहां से लाते हो!
बाटतें तो बस धर्मों में ही थे
फिर जाति पे क्यों आ जाते हो!!
बजरंगबली को दलित बताके
सत्ता का सुख भोगते हो
चलो भोग लिया तो भोग लिया
फिर गाय माता को क्यों ले आते हो!!!
राम मंदिर के नाम पर ये नरसंहार कराते हो
फिर क्यो भगवा पहन राम भक्त कहलाते हो!!!!

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riya singh 23 SEP 2018 AT 2:46

हा डरपोक हूँ मै....

रूह ताे रूह ,
अब इन्सानों से भी डरती हूँ !
तरेंर देती है कोइ अाखें ,
तो उस छण से भी डरती हूँ !!
अब जब भी होती है सुबह,
छा जाती हैं काली मंजीलें !!!
हा दो पल सुकुऩ के लिए ,
अब असफलताओं से भी डरती हूँ !!!!

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riya singh 23 AUG 2018 AT 11:53

रूह भी तड़पी होगी ,
रूहानियत भी कपकपाई होगी !
जब उनकी दरिन्दगीं ,
उसके जिस्मों पे छाई होगी !!
शायद ये दुश्य देख ,
ब्रम्हा भी कांपे होगें !
ताडंव बनके फिर केरल मे ,
अथाह वो बरसे होगें !!

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riya singh 21 AUG 2018 AT 14:50


#एक_पत्र

अम्मा..
काश जापान वाली ट्रैने अपने
बिहार मे भी होती तो बाबा के
वो दो आखिरी अल्फाज आज
अन्कहे ना होते!!
तुम्हारी बिटीया

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