lekh S   (Lekh s)
3.6k Followers · 4.1k Following

read more
Joined 3 July 2018


read more
Joined 3 July 2018
lekh S 6 AUG AT 20:58

न मेरे maths के teacher aaye
न तेरे bio के
😜😜😜😜

-


Show more
68 likes · 18 comments
lekh S 6 AUG AT 20:01

दो माशूकाओं संग गुफ्तगू एक साथ 😱
और जिस दिन खबर हो गयी
दोनों को , तेरी हरकतों की ।
एक अर्थी पे दो लाशें होगी
एक तेरी , दूसरी तेरी हसरतों की ।।
😄😄😛😛

-


Show more
59 likes · 25 comments
lekh S 4 AUG AT 8:07

खुशियों के पल बेशुमार रहे
पर हम समझदार रहे और खबरदार रहे
एक कम्बख्त ने डाला था सोडियम पानी में
जले तो जले और डंडे भी हमें सात दिन तक याद रहे॥

एक आशिक़ के घर बज रहा था एक गीत पुराना ,
"न तेरे पापा का डर ना तेरे भाइयों का ।
देखते रहते है कम्बख्त तेरी जुल्फों को ,
मुझे तो डर है जानेमन मेरे भाइयों का " ।।

-


Show more
79 likes · 58 comments
lekh S 3 AUG AT 13:44

शादी से पहले का ,
और एक शादी के बाद का ।
ग़ालिब हम लगा न पाए ,
क़यास इस इंतियाज़ का ।
गलतफहमी में है सब कि बीवी मासूम है हमारी ,
सिर्फ हम ही जानते है भेद इस गहरे राज़ का ।।

-


Show more
77 likes · 50 comments
lekh S 2 AUG AT 20:40

इंतज़ार किसका है
आँखें नम और दिल उदास , ये यार किसका है
साथ तो हम भी दे देते बरखुर्दार
पर आजकल ऐतवार किसका है 🙂

-


Show more
77 likes · 36 comments
lekh S 1 AUG AT 14:13


और लिखते हैं तो हाथ थरथराते हैं 🙊
लिख तो दें कोई ग़ज़ल तारीफ में आपकी ☠️
पर लिखने से पहले मुझे अपने संस्कार याद आ जाते हैं 😂

-


Show more
76 likes · 32 comments
lekh S 31 JUL AT 17:05

कि वो आएगी रंडवो की गली में
आई तो, चार गिर गए और दो मर गए खलबली में
जकाजक खुली कलन्न की आँखें शोरगुल से
इतने में वो कहने लगी "चली मैं " "चली मैं" ।

-


Show more
66 likes · 23 comments
lekh S 30 JUL AT 20:32

किनारा कर खड़े रहे ,
और तुम्हारे भाई हमें घसीटते रहे ।
इश्क़ ने ग़ालिब ये क्या कर दिया ,
कि वो चुप रहे , उनके अब्बा हमें पीटते रहे ।।

-


Show more
80 likes · 40 comments
lekh S 30 JUL AT 9:01

है मुमकिन की जीवन का संचय कर दूँ उसमें ,
मगर मैं किसी की जान नहीं ले सकता ।
मैं क़ुदरत का प्रेमी हूँ "उमा" ,
आपकी तारीफ में, फूल तोड़ के नहीं दे सकता ।।

-


Show more
80 likes · 36 comments
lekh S 29 JUL AT 20:42

पर मेरे चाहने से क्या होता ।
इतना भरोसा कर्म में करते ,
एक कारवाँ बन गया होता।।

पहचान न सका,
हुनर अपने हाथ का,
शायद से नाकामी न होती
तो अंजाम भी कोई नया होता ।।

-


Show more
89 likes · 33 comments

Fetching lekh S Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App