Harsh Tyagi Kalpit   (©हर्ष त्यागी 'कल्पित')
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Harsh Tyagi Kalpit 17 JUN AT 7:04

मेरी खामोशी को मेरी बेबसी मत समझ
बस बात इतनी सी है कि
तौहीन ए इश्क़ गवारा नहीं मुझे

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Harsh Tyagi Kalpit 13 MAY AT 0:47

पिछली कुछ रातों से सोया नहीं हूं मैं
मजबूर हूं इतना कि दर्द में भी रोया नहीं हूं मैं
थक चुका हूं इतना 'कल्पित'
सच की कीमत चुकाते-चुकाते
झूठे रिश्ते निभाते-निभाते
बस अब तेरा साथ भी चाहता नहीं हूं मैं

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Harsh Tyagi Kalpit 12 MAY AT 10:15

सबकी खुशियों का ध्यान रखते-रखते
अपनी खुशियां जो भूल जाए
वो है माँ
बच्चों की ख्वाहिश पूरी हो
इसलिए अपनी इच्छाओं को दफन जो कर जाए
वो है माँ
आपके सिर्फ एक शब्द बोलने पर
आपका जो दर्द पहचान जाए
वो है माँ
बुरी नज़र से अपने बच्चों को बचाने के लिए
दुआओं को जो सुरक्षा कवच बना जाए
वो है माँ


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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 20:40

इस सफर में दिन सिर्फ़ तेरे बदले
याद होंगी तुझे दिसम्बर की वो रातें
तेरी उसकी बातें
याद तो तुझे मई भी होगी
जब तू उससे मिलने बिन बताए गई होगी
मेरे लिए मई दिसंबर एक जैसा
मालूम है तुझे देखा है मैंने कैसा-कैसा
फर्क तेरे लिए सिर्फ इतना है दिसंबर और मई में
वो आया था दिसंबर में और तू चली गई मई में

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 19:05

किसी और के साथ रहकर भी तू मेरे लिए लिखता है
इतना काफी है
पिछली रात किसी और की आगोश में रहकर भी तूने मुझे सोचा
इतना काफी है
बंद आंखों में भी अगर तुझे मैं नज़र आता हूँ
तो इतना काफी है
मेरा हक किसी और को देने के बाद भी अगर तू खुद को मुझसे सवाल करने का हकदार समझता है
तो इतना काफी है

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 15:42

तू मेरा हम सफर ना बन सका
लेकिन मेरे हर सफर का सहारा है तू
गैरों की बाहों में ही सही
लेकिन मत भूल मेरा अपना है तू

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 15:37

आज फिर चल दिया तू उन्हीं रास्तों पर।
जिन रास्तों से कभी वापस लाया था तुझे।
फ़ायदा, नुकसान सब तेरा है।
बस तेरे आने वाले कल की फिक्र है मुझे ।

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 3:54

अगर तुझे लगता है कि बिना कहे तू चला जायेगा
और मुझे मालूम ना होगा तो गलतफहमी है तेरी
सुन याद है ना, वो रात भर तेरी धड़कन सुनना
उन धड़कनों से यारी पक्की है अपनी
जब भी धड़का है दिल तेरा किसी और के लिए
दोस्ती का फर्ज निभा धड़कनों ने इत्तेलाह की है

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 3:37

बड़ी दूर से आता था वो मेरे लिए
आज बड़ी दूर गया है मुझसे
वो किसी और के लिए

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Harsh Tyagi Kalpit 11 MAY AT 3:32

रात में अगर वो निकला है अपने बच्चों के साथ
घर पर कोई तकलीफ ज़रूर होगी साहब

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