152
Quotes
1.0k
Followers
110
Following

Chandra Prakash Bishnoi (Drishya)

read more
Chandra Prakash Bishnoi 30 JAN 2018 AT 23:44

आंधियों और तूफानों के ये दौर अभी गुजरे नहीं
हवाओं ने अपने रूख़ बदले नहीं

लंबी राह के पथिक यूँ सपनों में खोया नहीं करते।

-


32 likes · 2 comments
Chandra Prakash Bishnoi 23 JAN 2018 AT 21:57

अँधेरे में द्वार खोल तू आगे बढ़ा
अजेय दीपक का प्रज्वलन कर,
स्वप्न से किनारा कर
सागर में नदी मिली, पानी ने स्नेह दिया
तू रुका नहीं यूँ, तूने मरुभूमि से अनुभव लिया।
खोया बारिश के मंजर में, गर्जना से तू न डरा।
तू आगे बढ़ा
कागज़ के पन्नों पर तेरे हाथों का दीदार,
भर आया कलम का हृदय
जंगल के पेड़, तुझसे किये आलिंगन
तूने शुकूँ के कुछ पल लिए।
अक्सर अंधकार में खोया तू
अब अनंत की ओर चला।
दूर क्षितिज पर धरती और
आसमाँ ने मिलकर तुझे बुलाया।
अंधेरे में द्वार खोल तू आगे बढ़ा।

-


19 likes · 2 comments
Chandra Prakash Bishnoi 20 JAN 2018 AT 22:18

क्यों तुम हर वक़्त अहम शख़्स को भूल जाते थे?
या जानबूझकर गलती करते थे
मेरे और तुम्हारे बीच कोई और भी होता था
मैं, हवा और तुम।

बदला तो अब भी कुछ नहीं,
बस शहर की वो बस्ती इमारतों में बदल गयी
पेड़ थोड़ा और मुरझा गया
पर न तुम बदले न मैं
न ही वो तीसरा शख़्स
मैं, हवा और तुम।

-


Show more
24 likes · 4 comments
Chandra Prakash Bishnoi 19 JAN 2018 AT 22:44

Real human in my life
Are like "never-fading makeup"
We think they're but
They don't exist.

-


They're social media ghosts!!

#yqbaba #human #socialmedia #ghost

28 likes · 2 comments
Chandra Prakash Bishnoi 19 JAN 2018 AT 22:33

एक वक़्त गुजर गया सफर में
सुकून की तलाश न पूरी हो सकी

कभी तुम्हारा साथ होना भी सुकून देता है।

-


26 likes · 5 comments
Chandra Prakash Bishnoi 19 JAN 2018 AT 15:02

Drugs are too mainstream,
Get high on the goals!

-


18 likes · 2 comments
Chandra Prakash Bishnoi 19 JAN 2018 AT 14:58

घावों पर मरहम लगाना नहीं सीखा शायद
दौड़ते-दौड़ते घावों से ही अपनापन हो गया।

-


16 likes · 1 comments
Chandra Prakash Bishnoi 16 JAN 2018 AT 22:27

वहाँ दूर कहीं क्षितिज पर
बूढ़ा सूरज लौट रहा अंधियारे की ओर

यहाँ कोई सड़क किनारे
सपनों की लकड़ियों से अलाव ताप रहा है।

-


22 likes · 2 comments
Chandra Prakash Bishnoi 14 JAN 2018 AT 12:27

सरेआम ये आसमाँ यूँ ही बदनाम हो गया
पतंगों ने आपस में नजरें जो मिलाई।

-


35 likes · 1 comments
Chandra Prakash Bishnoi 12 JAN 2018 AT 23:25

मैं डूबा तेरे नैनों में, वजूद संभाले अपना
समझ ना लेना कतई,
हूँ फिर भी मैं यही
एक टुकड़ा जरूर तुझमें है।

-


Show more
27 likes · 6 comments

Fetching Chandra Prakash Bishnoi Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App