#maa

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तुझे याद कर कर के देख मेरी आँखे कितनी नम हैं
तू मुझसे दूर है बस इसी बात का गम है।
तू ममता की मूरत भगवान की सूरत और भी बहुत कुछ
माँ जितना भी लिखूँ तेरे लिए वो सब बहुत कम है।
मेरे हाथों को पकड़कर तूने लिखना सिखाया था न,
देख अब पन्नों पर मैं खुद से कलम चला लेता हूँ माँ।
तेरी याद तो आती है, पर करके बहाने दिल को बहला लेता हूँ माँ।।

सुना है, तुझसे जयादा कोई नहीं चाहता मुझे, पर ना जाने क्यूँ, तूने कभी अपने सीने से नहीं लगाया. सुना है, तुझसे बेहतर कोई नहीं समझता मुझे, पर ना जाने क्यूँ, तूने कभी मेरे ज़ख्मों पर मरहम नहीं लगाया. इबादत की थी तेरी, फिर क्यूँ कबूला नहीं मुझे, साथ तो थी तू हर राह पर मेरी, पर मुश्किलों में कभी संभाला नहीं मुझे. जब सहम जाती थी मैं उन राहों पर, क्यों कभी अपने आँचल में छुपाया नहीं तूने, तुझे फ़िक्र है मेरी, क्यूँ कभी एहसास नहीं कराया तूने. मैंने नफ़रत की तुझसे हर बार, पर वक्त के साथ समझ आया. जब लड़खडाई उन राहों पर, तूने बिना सहारे संभालना सिखाया. अपने आँचल के उजाले से दूर रख कर, अँधेरों से लड़ना सिखाया. जिन ज़ख़्मों को देखकर, तेरी भी आँखें हुई थी नम, उन ज़ख़्मों का तूने, वक्त ही मरहम् बनाया. रूह तो तेरी भी तड़पती थी दूर रख कर खुद से मुझे, पर मंज़िलो को पाने के लिए, तूने होसलों से उड़ना सिखाया. #maa #yqbaba #yqtales #yqdidi #yourquote #YourQuoteAndMine Collaborating with Sanghamitra Tyagi

5 HOURS AGO